Chhattisgarh

क्या सफ़ेद हाथी है गरियाबंद वन मंडल और उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व

किरीट ठक्कर

रियाबंद। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वन मंडल कार्यालय गरियाबंद अब सफ़ेद हाथी साबित हो रहा है, जानकारों की माने तो डीएफओ कार्यालय गरियाबंद में वनमंडलाधिकारी से लेकर एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर आदि स्टाफ का एक महीने का वेतन करीब 60 लाख रुपये होता है, किन्तु अब यहां कोई कार्य नही है। बमुश्किल विकास कार्यो के लिए महीने में 6 से 7 लाख रुपये का चेक कटता है।

रायपुर के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल अग्रवाल के अनुसार वित्तीय नियमो के मुताबिक किसी भी विभाग का स्थापना खर्च 10 से 15 प्रतिशत होना चाहिए, जबकि गरियाबंद वन मंडल और सीतानदी उदंती टाईगर रिजर्व का स्थापना व्यय 200 प्रतिशत से अधिक है।

उदंती टाईगर रिजर्व के अधिकारियों कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन व्यय लगभग 50 लाख रुपये बताया जा रहा है, जबकि महीने में यहाँ 50 लाख रुपये का कार्य नही होता, विभाग के पास सेंक्शन ही नहीं है। कई एक स्थानीय जानकर इस रिजर्व क्षेत्र में एक भी बाघ नही होने का दावा करते आ रहे हैं। अनिल अग्रवाल कहते हैं कि छत्तीसगढ़ शासन को इन्हें बंद करने का निर्णय लेना चाहिए या फिर इन्हें बंद करने पीआईएल दायर की जानी चाहिए।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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