थू है ऐसी जिन्दल कम्पनी को

कहाँ घुस गये स्थानीय सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि ?

आखिर क्यों चुप है रायगढ़ जिला प्रशासन ??

*लक्ष्मी कान्त दुबे

रायगढ़। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओ. पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी के बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र विशाल कुमार जो कि क्रिकेट खिलाड़ी है ने ओ. पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुये क्रिकेट खिलाडी के रूप मे नेशनल लेवल क्रिकेट प्रतियोगिता कटक उड़ीसा मे अपना टैंलेट दिखाया तथा जिन्दल यूनिवर्सिटी का मान बढ़ाया, किन्तु मैच के दौरान गम्भीर रूप से घायल हो जाने के कारण उन्हे अस्पताल मे भर्ती कराया गया है।

छात्र विशाल कुमार को गंभीर चोट आई है तथा उनके पिता शायद जिन्दल की ही कम्पनी जे.पी.एल मे कर्मचारी है l ऐसा बताया जा रहा है कि गम्भीर हालत मे छात्र विशाल कुमार के इलाज का अनुमानित खर्च 8 लाख रुपये है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सक्षम नही है कि इस मोटी रकम का एक सामान्य परिवार वहन कर सके | जिसके बाद आर्थिक अभाव के कारण सोसल मीडिया मे सहयोग करने की अपील की जा रही है ताकि छात्र विशाल कुमार का ईलाज हो सके तथा सहयोग हेतु बैंक खाता नं. व नाम सार्वजनिक कर सहयोग की अपील किया जा रहा है।

ओ.पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे छात्र के इलाज के लिये ओ. पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी प्रबंधंन आखिर कार पीछे क्यों हट रहा है? अनाप शनाप फीस लेकर शिक्षा का व्यापार चलाने वाला जिन्दल यूनिवर्सिटी क्या अपने ही यूनिवर्सिटी का मान बढ़ाने वाले छात्र के लिये 8 लाख रुपये की राशि खर्च नही कर सकता !
रायगढ़ के विकास की बात करने वाली जिन्दल कम्पनी क्या अपने ही कम्पनी परिवार के कर्मचारी के पुत्र के लिये 8 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग नही कर सकता तो थू है ऐसी जिन्दल कम्पनी को और जिन्दल यूनिवर्सिटी को l

छात्र विशाल कुमार ने अपना व अपने ओ .पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी का मान बढ़ाने के लिये अपने जान की कुर्बानी लगाने को तैयार हो गया लेकिन वहीं जिन्दल कम्पनी व जिन्दल यूनिवर्सिटी छात्र के ईलाज के लिये 8 लाख का आर्थिक सहयोग नही कर सकता l वहीं शर्म स्थानीय सांसद , विधायक व जनप्रतिनिधियों को भी आनी चाहिये जो ऐसे संवेदनशील व मानवता को शर्मसार करने वाले मुद्दे मे भी चुप्पी साधे रहते हैं क्या उनका यह कर्तव्य नही कि जिन्दल यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्यवाही की मांग करे तथा संचालक जिन्दल कम्पनी को निर्देशित करे कि घायल छात्र के ईलाज का सम्पूर्ण खर्च ओ. पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी व जिन्दल प्रबंधंन उठाये l विश्वास स्थानीय जिला प्रशासन पर भी उस समय उठ जाता है जब जिन्दल जैसे बड़े यूनिवर्सिटी व अपने जिम्मेदारी से भागने वाले प्रबंधक / संचालक ओ. पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी पर कोई कार्यवाही नही करते l आवश्यकता है कि ऐसे गम्भीर व संवेदनशील मामलों का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन प्रबंधक ओ. पी. जिन्दल यूनिवर्सिटी पर कार्यवाही करे तथा इलाज का सम्पूर्ण खर्च उठाने निर्देशित करे वहीं स्थानीय सांसद, विधायक, नेता व जनप्रतिनिधि भी ऐसे मुद्दे पर कुछ बोले और उक्त छात्र को हर सम्भव मदद दिला सकें।

 

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

3 thoughts on “शर्म करो प्रबंधक ओ. पी.जिन्दल यूनिवर्सिटी।”
  1. सर जी जिंदल यूनिवर्सिटी एवं जिंदल पालन्ट की तरफ से अभी तक 5 लाख की सहयता की जा चुकी है विशाल का आज ऑपरेशन आज सुबह से चालू भी हो गया है और सोशल मिडिया मे सहयता के लिये अपीली हम दोस्तों के द्वार तुरंत चालू कर दिया गया था ताकी उनकी और सहयता हो सेक इसमे ओ.पी जिंदल यूनिवर्सिटी और जिंदल पालन्ट जिम्मेदार ठहराना किसी भी तरीके से सही नही होगा सर रही बात जनप्रतिनिधियों की तो उन्के पास अभी तक कोई सहयता के लिये गया ही नही तो उनकी कोई गलती नही है मेरा आपसे अनुरोध है की इस समचार को इस तरह से जनता के बिच पेश ना किया जाए 🙏

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