दिल्ली। देश में अपहरण, बलात्कार और हत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है, शनिवार के दिन देश की राजधानी दिल्ली के रोहणी इलाके से एक लड़की का अपहरण करके दरिन्दों ने उसके साथ रेप किया और फिर उसकी गोली मारकर हत्या करने का संगीन मामला सामने आया है। लड़की का शव दिल्ली से दूर हरियाणा के धारूएड़ा में मिला है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लड़की को चार गोलियां मारी गयी हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है लेकिन अब तक किसी प्रकार का कोई सुराग नहीं मिला है। रविवार को लड़की के शव का चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।

बता दें कि डबवाली के पास संगरिया मंडी निवासी एक आढ़ती; अपनी 22 वर्षीय बेटी का इलाज कराने के लिए पिछले कुछ समय से दिल्ली के रोहिणी इलाके में रह रहे थे।

युवती पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार थी और दिल्ली में उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार शाम को साढ़े चार बजे के करीब युवती अपने घर के पास ही पार्क में घूमने की बात कहकर गयी थी लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। रात को साढ़े ग्यारह बजे तक उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था। परिजनों की पौने बारह बजे के करीब सिर्फ दो सैकेंड के लिए युवती से बात हुई और फिर मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा।

परिजनों ने युवती के व्हाट्सएप्प पर भी मैसेज किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे उसके नंबर से अपने पिता के नंबर पर व्हाट्सएप्प मैसेज आया कि वो जा रही है। इसके बाद युवती से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया।

शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे के करीब उन्हें धारूएड़ा थाने से लड़की का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्हें पता लगा कि उनकी लड़की का शव तड़के साढ़े तीन व चार बजे के बीच मिला है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि, ऐसे में किसी आरोपी ने ही लड़की के मोबाइल नंबर से उसके पिता को व्हाट्सएप्प मैसेज किया हो।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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