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Chhattisgarh

जिले के चप्पे-चप्पे पर जिला प्रशाशन की टीम, धान खरीदी शुरू नही अभी से कई टन धान जप्त।

शेख मक़बूल

सुकमा। अवैध धान परिवहन को लेकर नन प्रसाशन की कार्रवाई जारी है। पिछले कई दिनो से जिला कलेक्टर चन्दन कुमार के निर्देश पर चप्पे चप्पे पर टीम बैठा दी गई है, यहाँ तीन राज्यो का संगम होने से धान माफिया सक्रिय हो गए है। ओड़िसा, आंध्रा से धान कम दर पर खरीद कर अधिक दर पर छत्तीसगढ़ में बेचने के फिराक में कई टन धान अब तक पकड़ा जा चुका है।

जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन ने जगह जगह उड़नदस्ता की टीम रवाना कर दी है। आये दिन जिले में कहीं न कहीं धान की अवैध रूप से आ रही गाड़िया पकड़ा रही है। कल रात सुकमा के ओलेर ग्राम में छापा मार कार्यवाही में 167 क्विंटल धान जप्त किया गया था। आज सुबह दोरनापाल में ओड़िसा से आरही ट्रक क्रमांक TS 29T 6399 से 33 टन अवैध रूप से कोन्टा की ओर जा रही धान से भरी ट्रक को दोरनापाल तहसीलदार बघेल दोरनापाल sdop अखिलेश कौशिक, थाना प्रभारी नीतीश सिंह ने कार्यवाही करते हुए ट्रक सहित धान जप्त किया है। सुकमा एसडीएम नभ एल स्माईल व उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर ओलेर ग्राम में छापामार कार्रवाई करते हुए तीन जगहों से 167 क्विंटल अवैध धान जप्त किया गया था इस कार्यवाही में टीआई पुष्पाल प्रवीण मिंज का भी योगदान रहा। कलेक्टर चंदन कुमार व एसपी शलभ सिन्हा की निर्देश पर जगह-जगह कार्यवाही जारी है। इस पूरे प्रसाशन की कार्रवाई से धान माफियाओं के होश उड़ा दिया है। पूरे जिले में अब तक 1569 क्विंटल धान जप्त किया जा चुका है।

बकायादार पंचायत पदाधिकारी हो सकते हैं पंचायत निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित। सीएमओ ने दी चेतावनी।
बकाएदार पंचायत प्रतिनिधियों को आगामी त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नूतन कुमार कंवर ने बताया कि ग्राम पंचायतों के पंचायत पदाधिकारियों और पूर्व पदाधिकारियों के द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं के कारण कराए गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर अक्टूबर 2019 की स्थिति में कुल 16 बकायेदारों से एक करोड़ बाईस लाख दस हजार नौ सौ चालीस रुपये वसूल किया जाना शेष है।
उन्होंने बताया कि पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 36(1) (त) के तहत पंचायत आम निर्वाचन वर्ष 2019-20 में बकायादार पंचायत पदाधिकारियों और पूर्व पदाधिकारियों को पंचायत निर्वाचन में अयोग्य घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बकायादारों पंचायत पदाधिकारियों द्वारा शेष बकाया राशि शीघ्र जमा नहीं किए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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