सावधान, स्थानांतरण के बाद अब नौकरी लगवाने के नाम पर सरकारी दलाल सक्रीय…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की सरकार के 15 सालों के कार्यकाल में बेरोजगारी इस कदर बढ़ी कि नौकरी के लिए परेशान युवा तरह-तरह की ठगी तक के शिकार होने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में ऐसे तमाम दलाल और ठग भी सक्रिय होते रहे जो अपनी ऊंची पहुंच का रुतबा दिखाकर, युवाओं को नौकरी लगवाने के नाम पर ठगते रहे हैं। ये सिलसिला अब भी जारी है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश में नई सरकार के गठन पश्चात् ख़ाली हो चुके कोष को भरने हेतु सरकार के पास एक अद्भुत विकल्प खुलकर नजर आया और वह विकल्प था ट्रांसफर का, इस मध्यम से पार्टी के छोटे से लेकर बड़े और मंत्री से लेकर संत्री तक ने जमकर प्रभावितों को लुटे जाने की खबर सुनाने को मिल जाते हैं। अब सरकारी पद में विराजमान दल्ला या फिर कोई मंत्री विधायक का करीबी; नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी और लूट का धंधा सरकार के संरक्षण में बेख़ौफ़ अंजाम देने में लगा है।
सी ही एक घटना व्यापम के द्वारा व्यख्याता के लिये परीक्षा ली गई थी जिसका इस माह परिणाम भी आने को हैं। इसमे नौकरी की ग्यारंटी के लिए जालसाज सक्रिय हैं जिनके द्वारा लाखों की मांग की जा रही है। इस जालसाजी से सम्बद्ध मेरे परिचित एक साहू परिवार की बहू ने परीक्षा दिया, उनके पास फोन आया कि आपको 40 नम्बर मिले हैं, आप एक लाख देंगे तो आपकी नौकरी लग जायेगी। 25 हजार खाता क्रमांक 38517231667, आईएफएससी , SBIN 0030002 में एडवांस जमा करें रिजल्ट आने के बाद 75000 जमा करना होगा।
मुझे उनके द्वारा जानकारी में आने पर मैने पैसे जमा करने से मना किया, मेरे कहने पर जब वे नहीं माने तो मैंने उन्हें उसके मोबाइल से जालसाज से बात करने की सलाह दिया। फोन पर बात का सारांश यह है कि नौकरी लगवाने वाला शख्स अपने आपको बेख़ौफ़ होकर कह रहा है कि; वे कोई छोटा अफसर नहीं हैं, जो किसी को बरगलाए और जब किसी का कार्य करते है न तो ठोककर करते है। कह रहे हैं कि जब joining लेटर पर जो हस्ताक्षर होगा, उस पर उसी शख्स का हस्ताक्षर रहेगा। पूछे जाने पर उसने अपना नाम “नितीश गुप्ता” बताया। आगे उनका कहना था कि 31 अगस्त तक परिणाम आ जाएगा और 15 सितम्बर को उनकी बहु को joninig लेटर मिल जाएगा। आगे की कहानी आप खुद ही सुन लीजिए…

यह प्रमाण मैं इसलिए यहां दे रहा हूँ कि कुछ पेटरोगहा सरीके भक्तों को मेरी बात पचती नहीं हैं। चूँकि इसकी जानकारी पुलिस विभाग को भी दी जा चुकी है फिर भी उनके कार्य के प्रति उदासीनता या फिर कुछ और की आशंका से परे की भी सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
प्रदेश में भोले-भाले किस तरह से ठगे और लूटे जा रहे हैं यह तो महज एक नमूना मात्र है, जो व्यापम जैसे छोटे से कार्यालय से निकल कर हम तक पहुँचा है। इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है क्योंकि …, सावधान रहें और औरों को भी सावधान करें।

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