केंद्र सरकार की निर्देशो का नही हो रहा है पालन !

*दिनेश जोल्हे

सा
रंगढ़ जनपद पंचायतों में लगातार पीएम आवासों में गफलतबाजी का फरयादी सुधरने का नाम ही नही ले रहा है। जनपद पंचायत सारंगढ़ में लगभग पीएम आवासों में भ्रष्ट गफलतबाजी का कारोबार अधिकारीयो के संरक्षण में खुलेआम चल रहा है। अभी का ताजा मामला जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बटाउपाली ब के आश्रित ग्राम टांगर में पहला हितग्राही बुद्धूराम बरिहा के नाम पर सत्र 2016-17 में पीएम आवास स्वीकृति हुई जिसका आवास आईडी नम्बर सी.एच.1211049 और दूसरा हितग्राही धनाऊ बरिहा के नाम पर सत्र 2017-18 में पीएम आवास स्वीकृत हुआ जिसका आवास आईडी नम्बर सी.एच.1376911 था दोनों पिता-पुत्र है दोनों का आवास एक ही स्थान पर बनाया गया है जबकि बुद्धूराम बरिहा का आवास 2016-17 में बनना था। स्वीकृति तो जिस सत्र में हुआ उसी समय बनना रहता है नही तो जनपद से बार बार सूचना दिया जाता है। बनाने के लिए क्योंकि टारगेट के आधार पर बनना रहता है। गौरतलब हो कि बुद्धूराम बरिहा का मृत्यु बिना आवास जिओ टेकिंग हुए ही हो चुका था जबकि उनके आवास तो पहले बनना था और उनका पुत्र धनाऊ बरिहा का आवास तो उनके पिता के 1 साल बाद बनना था लेकिन दोनों का आवास एक साथ एक ही घर पर गलत तरीके से पास कर शासन की आये प्रोत्साहन राशि का दुरूपयोग किया गया है।
जिले से दिया गया मॉडल निर्देशो का सारंगढ जनपद पंचायत में हो रही है अव्हेलना
जिला पंचायत को केंद्र व राज्य सरकार से नियमावली के आधार पर आवासों का निर्माण का मॉडल जनपद पंचायतों में दिया गया है और जनपद पंचायतों को सख्त निर्देश गया है कि एक हितग्राही के पास जब घर बनेगी तो एक कमरा, एक बरामदा, किचन, दरवाजा के आजु-बाजू खिड़की होनी चाहिए निर्देश सरकार के द्वारा दिया गया है जबकि जिला पंचायत से भी जनपद पंचायतों को हिदायत दिया गया है की आवाज़ बनने की विधि नियत पर ही घर की निर्माण करवाये सभी देख रेख के साथ सही रिपोर्ट पेश करने के लिए आवास मित्रो को टारगेट वेसिक दिया गया है लेकिन सारंगढ जनपद पंचायत के लगभग सभी ग्राम पंचायतों पर ब्लॉक कॉर्डिनेटर और आवास मित्रो की भ्रष्टाचार का कोई सीमा नही है। सभी हितग्राहियो के घर निर्माण पर कोई सख्ती नही बरती जा रही है एक ही आवास पर 4 से 5 लोगो का फोटो खींच पास करवाया गया है लेकिन शिकायत करने पर भी जांच के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति करते है अधिकारी जिले से किसी प्रकार का दिए गए निर्देशों का सारंगढ जनपद में नही हो रहा है पालन।
सारंगढ जनपद के अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है बीसी और आवास मित्रो को
सारंगढ जनपद पंचायत में पीएम आवासों के गफलतबाजी और फर्जी जिओ टैकिंग पर शिकायत होती है जिसकी बड़ी प्रमुखता से खबर प्रकाशित भी किया जाता है लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति होती है बता दे आपको की कुछ नियत पंचायतों का शिकायत पर जांच करने गए सारंगढ के अधिकारियो का बोलबाला है जैसे जांच करने जाते है मोटी रकम की चड़ाव मिल जाता है। फिर जांच को ले देकर सही बताया जाता है और नोट सीट पर गलत को दबाकर सही बताया जाता है जिससे भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। बिना छबाई,फर्श ढलाई किये ही रुपये का सभी क़िस्त प्राप्त हो रही है इसमें ज्यादा भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
“हम लोगो को बाहर का फोटो से जिओ टैकिंग करना होता है अंदर की छबाई, ढलाई की जरूरत नही पड़ता इसलिए पूरा क़िस्त जारी करवाया गया है आपको पूरे सारंगढ जनपद में बहुत सारे ऐसे आवास मिल जाएगा जिस पर ऐसे मकान तैयार हो चुके है।
वीरेंद्र पटेल, आवास मित्र बटाउपाली (ब)
हमारे संवाददाता दिनेश जोल्हे के पास जनपद पंचायत के अधिकारी का जीता जागता वीडियो है जिस पर खबर नही छापने के एवज में रुपये का प्रलोभन दे रहे है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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