नीतिन सिन्हा
रा
यगढ़ जिला क्लेक्टर के कार्यालय के बाहर एक 82 वर्ष के बुजुर्ग बाला राम पटेल को बमुश्किल चलते देखकर मीडिया कर्मियों का ध्यान उनकी तरफ गया। वहाँ आने का कारण जानने पर बुजुर्ग बालाराम ने बताया कि वो पिछले तीन सालों से अपने हक और स्वामित्त्व की भूमि पर दबंग भाजपा नेता रविन्द्र पाल भाटिया के द्वारा जबरन कब्जा कर लिए जाने की कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। इस उम्र, ऐसी अवस्था मे उनका बार-बार तहसील और कलेक्टोरेट का चक्कर लगाना सम्भव नही हो पाता है। फिर भी उनकी गरीबी उन्हें ऐसा करने को मजबूर कर रही है।
उनके स्वामित्व की भूमि पर भाजपा नेता रविन्द्र के द्वारा जबरन कब्जा किये जाने के भूमि पर जो शहर के पाश एरिया रेल्वे बंगला पारा के दरोगामुडा में स्थित है। जिसका खसरा नम्बर 268/1 है, इस भूमि का रकबा 1450 वर्गफुट है। यह जमीन बालाराम ने वर्ष 1969 में कृष्ण चंद पटेल से विधिवत खरीदी थी। बाद में उन्होंने भूमि का डायवर्शन भी करवाया और वो अब तक उसका शुल्क अदा कर रहे है। करीब 20 से 25 साल उस भूमि में बने मिट्टी के मकान में रहने के बाद वे सपरिवार अपने गांव डभरा जिला चाम्पा जांजगीर वापस चले गए। फिर भी वो या उनके परिवार के कोई न कोई सदस्य रायगढ़ आकर भूमि की देख रेख करते रहे। तीन साल पहले उनकी आर्थिक हालत सही न हो पाने के कारण उनको पैसे की जरूरत न पड़ी। उन्होंने आपस में यह तय किया कि उक्त भूमि को बेचकर पैसों की जरूरत पूरी की जाए।
इस सिलसिले में उन्होंने भूमि पर स्थित खंडहर हो चुके मिट्टी के मकान के मलबे की साफ-सफाई प्रारम्भ की, इस समय कोई रविन्द्र भाटिया नामक सरदार आया और उन सबको यह जमीन मेरी है इस पर मेरा कब्जा है, जाओ कोर्ट-कचहरी करो कहकर जबरन दुर्व्यवहार कर भूमि से भगा दिया। इसके बाद बालाराम ने परिवार की सलाह से तहसील न्यायालय रायगढ़ में वाद दायर किया । तथा दबंग सरदार के कब्जे से अपनी भूमि खाली करवाने की आस से जगह-जगह फरियाद लगाई आवेदन दिया, परन्तु परिणाम सिफर रहा। भाजपा नेता और दबंग सरदार ने पैसों और रशुख के बल पर तहसील न्यायालय से उनका दावा निरस्त करवा दिया।
लगातार तीन साल से लड़ने और खराब माली और शारीरिक हालत के बावजूद उन्होंने लड़ना नही छोड़ा। पुनः न्याय की आस लिए नए सिरे से बेजा कब्जेदार दबंग भाजपा नेता के विरुद्ध लड़ने को तैयार हुए। दो व्यक्तियों के सहारे खड़े हो पाने वाले शरीर से निरीह और कृशकाय बुजुर्ग को जिला कलेक्टर और तहसील कार्यालय का चक्कर काटते देखकर किसी का भी मन भर आएगा।
हमारे हक और स्वामित्व की भूमि पर दबंग सरदार रवींद्र भाटिया ने कब्जा कर लिया है। मैं इस अवस्था में भी उस दबंग से लड़ रहा हूँ। भले ही उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर तहसील से हमारा प्रकरण खारिज करवा दिया। परन्तु उक्त भूमि के सभी दस्तावेजो में हमारा नाम दर्ज है। यह जानकर हमारी लड़ाई जारी है। आज हम रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक, कलेक्टर रायगढ़ से मिले सभी ने सहयोग करने की मंशा जताई। कलेक्टर रायगढ़ ने एसडीएम न्यायालय में अपील दायर करने की बाद कही है। सो हम एसडीएम रायगढ़ के समझ अपनी फरियाद लेकर उपस्थित हुए है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही विधिक प्रक्रियाओं के तहत उनकी भूमि उन्हें वापस दिलवाएंगे।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.