जल संसाधन विभाग के सब इंजीनियर का कारनामा, बटोर रही है सुर्खियां।

रायपुर। पूरा मामला यह है कि मरीन ड्राइव स्थित हुक्का बार WTF में सरकारी कर्मचारी जल संसाधन विभाग के काम करते मिले। पूछे जाने पर कर्मचारियों ने बताया कि सब इंजीनियर कमल साहू जल संसाधन विभाग ने बोले है काम करने के लिए जो साहब बोलते है करना पड़ता है।
यह हुक्का बार उनके लड़के का है। लेकिन यह दूसरे जगह पर शिफ्ट हो रहा है। इसलिए कमल साहू सब इंजीनियर बहुत दिनों से काम मे लगवाए है। ये कर्मचारी जल संसाधन विभाग में कुछ चपरासी है तो कुछ अच्छे पोस्ट में भी है।
मजे की बात तो यह है की जब हम सब इंजीनियर कमल साहू से बात किये तो बताया गया कि इससे कोई फर्क नही पड़ता हमारे यहाँ के कर्मचारियों को हम कही भी लगा सकते है। आप बोलो तो आपके यहाँ भी भेज देंगे कहकर
किसी व्यक्ति से अपने फोन में हमसे बात कराई वह व्यक्ति हमे धमकी देने लगा और बोला तुम्हारे ऑफिस आकर बात करता हूँ।
लो भाई कर लो बात, वो कहावत बिल्कुल फिट बैठता है। ऐसे लोगों पर “चोरी ऊपर से सीना जोरी” कुल मिलाकर हम लोगो पर दबाव बनाया गया कि समाचार प्रकाशित ना हो।
जब बड़े अधिकारियों की मिली भगत हो सब इंजीनियर जैसे लोगो का हौसला इसी तरह बुलंद रहता है। और सालों साल यह सिलसिला चलता रहता है। और उन्हें सस्पेंड भी नही कराया जाता है। इस मामले में बड़े अधिकारियों से भी बात करने की कोशिश की लेकिन हमेशा की तरह फोन उठाते नही है। जिससे कमल साहू जैसे सब इंजीनयर का हौसला और बढ़ता है।

साभार : *www.rvkdnews.in

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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