किरीट ठक्कर
गरियाबंद।  जिले में कौशल विकास के नाम पर किये गये भ्रष्टाचार को लेकर युवा कांग्रेसी अब जमकर विरोध कर रहे हैं। इस संबध में स्थानीय कांग्रेस नेता सफीक खान, असंगठित कामगार मजदुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुरेश मानिकपुरी, मैनपुर के कमार नेता पीलेश्वर सोरी आदि ने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल, जिले के प्रभारी मंत्री रुद्र गुरु से शिकायत की है। सुरेश मानिकपुरी के अनुसार असंगठित कामगार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे से भी मिलकर इस मामले मे विस्तृत चर्चा की गई है।
गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री गुरु रुद्रकुमार के साथ सुरेश मानिकपुरी।
विदित हो की पिछले कई दिनों से जिले के कांग्रेसी नेता कौशल विकास के नाम पर बीजेपी शासन काल में भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे है।
एक कमरे मे संचालित बीजेपी समर्थित नेता की संस्था को विभागीय सांठ-गांठ कर करोडो के कार्य कौशल विकास कें नाम पर बीजेपी शासन काल मे दिया गया है। युवाओ को रोजगार के लिये सक्षम बनाने कौशल विकास योजना के तहत जिले के बाहर कीं संस्था को कौशल विकास विभाग के मापदंड को दरकिनार कर एक कमरे में 11 कोर्स का ट्रेनिंग सेंटर का पंजीयन कर एकतरफा लाभ पहुंचाने के लिये विगत 5 वर्षो मे आँख बन्द कर करोड़ो के कार्य इस संस्था रियल शिक्षण संस्थान धवलपुर, शिव वाहिनी शिक्षण संस्थान कॊसमबूढ़ा, छुरा” कॊ दिया गया है।
बीजेपी शासन काल मे नियमो, मापदंडो कॊ दरकिनार कर आदिम जाति विकास परियोजना गरियाबन्द के अंतर्गत जनपद पंचायत छुरा, मैनपुर, गरियाबन्द सीईओ ने एक तरफा कार्य आदेश जारी किया हैै। कौशल विकास कार्यालय संदेह कें दायरे मे है गरियाबन्द स्थित कौशल विकास विभाग मे पदस्थ कर्मचारियो के बीजेपी समर्थित नेताओ के संबंध औऱ मिलीभगत साथ कार्यो मे हिस्सेदारी की बू आ रही है। कार्यालयीन स्टाफ वर्षो से एक हीं जगह पदस्थ हैं औऱ जिले मे विगत वर्षो से कई बाहर के लोगों का वीटीपी पंजीयन कर जमकर काम किया गया है। जिले से बाहरी लोगों कॊ जिले मे वीटीपी पंजीयन करना भ्रष्टाचार कीं संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
सुरेश मानिकपुरी ने बताया की इस मामले में वे जिला पंचायत सीईओ से भी मुलाकात कर चुके हैं, सीईओ आर के खुंटे ने जॉच कमेटी बनाकर जल्द जांच रिपोर्ट देने की बात कही है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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