*किरीट ठक्कर।
छुरा (गरियाबंद)। आज नगर पंचायत छुरा के प्रांगण में स्व. उमेश राजपूत की 8 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। स्थानीय जन प्रतिनिधियों व पत्रकारों ने स्व.राजपूत के छाया चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पत्रकार स्व राजपूत गरियाबंद जिले के छुरा निवासी थे, 23जनवरी 2011 किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा राजपूत के छुरा निवास पर शाम छ बजे देशी कट्टा से गोली मार कर उमेश की हत्या कर दी थी। जिसकी जांच अभी तक चल ही रही है और आरोपी आज भी कानून की पकड़ से बाहर है। उमेश राजपूत हत्याकांड ने पूरे गरियाबंद जिले के पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया था। रायपुर, गरियाबंद, दुर्ग जिले के क्राइम स्क्वॉड एवं सीबीआई ने भी जांच-पड़ताल की, किंतु आज तक राजपूत के हत्यारे को गिरफ्तार नही किया जा सका है।
अपराधी के पकड़ में नहीं आने से स्थानीय पत्रकारिता जगत से जुड़े साथियों और राजपूत के परिजनों ने नाराजगी जाहिर की है। पत्रकार स्वर्गीय उमेश राजपूत के छोटे भाई परमेश्वर राजपूत ने न्याय पाने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग की थी। वर्षों तक चली सीबीआई जांच का नतीजा भी सिफर रहा है। आज तक पत्रकार स्व. उमेश राजपूत को न्याय नही मिल सका है। अब इस मामले में परमेश्वर राजपूत ने सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश को पत्र प्रेषित कर न्याय की गुहार लगाई है।
स्व. उमेश राजपूत की पुण्यतिथि प्रति वर्ष 23 जनवरी को मनाई जाती है इस मौके पर आज नगर पंचायत छुरा के प्रागंण मे स्व.उमेश राजपुत (पत्रकार) की 8 वीं पुण्यतिथि पर पुष्प हार गुलाल लगाकर दो मिनट का मौन रखकर श्रध्दाजंलि दी गई जिसमें विभिन्न समाचार पत्रों के संवाददाता यशवंत यादव, दिलीप बघेल, अजय दीक्षित, अ.शमीम रिजवी (नगर पं.उपाध्यक्ष), छन्नु सिन्हा (पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष), सुल्तान खान (पार्षद), परमेश्वर राजपुत, संवाददाता प्रकाश कुमार यादव, मनोज सिंह ठाकुर, रेवेन्द्र दीक्षित, कुलेश्वर सिन्हा, उज्जवल जैन, प्रमेन्द्र विप्रे, अविनाश सोनी, जितेन्द्र ध्रुव, संतोष ध्रुव उपस्थित थे।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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