*किरीट ठक्कर।
गरियाबंद। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी नही दिये जाने से नाराज़ आवेदक ने आज सोमवार धरना देने की तैय्यारी कर ली, और टेन्ट लेकर विभागीय परिसर पहुंच गया ! मामला उप संचालक कृषि विभाग का है।
भ्रष्टाचार को लेकर जिले का कृषि विभाग सबसे ज्यादा चर्चित रहा है। विदित हो की कुछ वर्षों पूर्व यहॉ पदस्थ रहे सहायक संचालक आर खान के निवास और अन्य ठिकानों पर इडी तथा ईओडबल्यु ने छापामार कार्यवाही की थी, बाद में आर खान आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार भी हुये थे।
हालिया मामले में आवेदक योगेन्द्र कुमार चंन्द्राकर ने आरटीआई के तहत विभाग से कुछ जानकारी चाही थी, जानकारी दिये जाने को लेकर उसे लगातार घुमाया जा रहा है।

टेंट लेकर पंहुचा विभागीय कार्यालय में !

विभागीय परिसर में लगाया गया टेंट।
अपीलिय अधिकारी के आदेश के बाद भी जानकारी नही मिलने से नाराज आवेदक ने आज अनिश्चित कालीन धरना देने की ठानी और टेन्ट लेकर कृषि विभाग के परिसर पहुंच गया। उस वक्त कार्यालय में सहायक संचालक नरसिंह ध्रुव नही थे। सुचना पर टी आई राजेश जगत व नायाब तहसीलदार ने मौके पर पहुंच आवेदक व उसके साथियों को समझाईश दी व बताया गया की नगर में धरने के लिए स्थान सुनिश्चित किया गया है अतएव कही भी धरने पर नही बैठा जा सकता। जिसके बाद आवेदक योगेन्द्र चंन्द्राकर ने धरना स्थल गांधी मैदान में मंगलवार 22 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की बात कही है आवेदक के अनुसार जब तक उसे वांच्छित जानकारी उपलब्ध नही करा दी जाती धरना जारी रहेगा।
इधर इस मामले में विभाग के जनसुचना अधिकारी बाबुलाल कर्ष का कहना है की निश्चित अवधि में सुका अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध कराने सेक्सशंस कर्मचारियों को पत्र दिया जाता है साथ ही मौखिक रुप से भी कहा जाता है उसके बावजुद जानकारियों से संबंधित दस्तावेज मुझे समय पर नही दिये जाते, इसी वजह से आवेदकों को निराश होना पडता है।
इस मामले को लेकर मौके पर पहुंचे दोनो अधिकारीयों द्वारा तथापि इस संवाददाता द्वारा भी सहायक संचालक नरसिंह ध्रुव से कांट्रैक्ट करने की कोशिश की जाती रही किंतु उनसे बातचीत नही हो सकी।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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