*जावेद अख्तर
रायपुर। छत्तीसगढ़ अकेला प्रदेश ऐसा है जहां की मीडिया ने कल से लेकर आज तक में एक ही प्रदेश में चार मुख्यमंत्री के नामों को घोषित कर चुका है, जबकि गुरूवार को दिल्ली में बैठक होने के बाद भी छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के लिए एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। जिसके चलते आज पुनः से बैठक रखी है। बैठक में प्रस्तावित चारों मुख्यमंत्री के चेहरे शामिल हुए है और बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक में पीसीसी प्रेसीडेंट राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य पदाधिकारी सम्मिलित हुए हैं।
         अभी तक मुख्यमंत्री के नाम की अधिकृत घोषणा नहीं हुई है लेकिन बेहद हैरानी का विषय है कि छत्तीसगढ़ के कुछेक मीडिया वालों ने अधिकृत घोषणा करवा कर मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर तक लगा दी। ऐसी तमाम खबरें वेबपोर्टल से साथ ही कुछेक चैनलों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की, अलग अलग वेबपोर्टल व चैनलों ने अपने अपने मनमुताबिक मुख्यमंत्री के नाम को बकायदा घोषित करने का दावा करती हुई खबरें पोस्ट की हैं।
अलग अलग वेबपोर्टल के मुताबिक अलग-अलग मुख्यमंत्री…! इतना अधिक भ्रमित कर दिया गया है कि लोगों को अब ये समझ नहीं आ रहा कि किसकी खबर पर विश्वास किया जाए, किसकी खबरों पर नहीं।
 वेबपोर्टल्स इतनी जल्दी में हैं कि कल ही अलग अलग वेबपोर्टल्स ने प्रदेश में चार मुख्यमंत्री के नामों को घोषित कर गये। ये वाकई किसी अजूबे से कम नहीं कि एक प्रदेश में चार सीएम ! संभवतः जिस भी वेबपोर्टल का तुक्का सही फिट बैठ गया समझ लीजिए वही स्वंय को बाज़ीगर बताएगा। मगर सवाल फिर भी जस का तस बना रहेगा इनकी विश्वसनीयता को लेकर। संभवतः अब वेबपोर्टल्स भी इलेक्ट्रानिक मीडिया के नक्शे कदम पर चल पड़ा है। अंजाम क्या होगा, ये तो समझा ही जा सकता है। फिर भी जिन पोर्टल्स ने दावा करके घोषित किया है उन्हें एक बार विचार अवश्य करना चाहिए कि ब्रेकिंग के चक्कर में कहीं उनकी विश्वसनीयता ही ब्रेक ना हो जाए।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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