किरीट ठक्कर
गरियांबद। आदिमजाति सेवा सहकारी समिति परसुली के अधीनस्थ गांवो के किसानों को पंजीयन फार्म जमा करने के लिये भटकना पड़ रहा है , किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी समिति परसुली के आपरेटर पंजीयन फार्म लेने से मना कर रहा है। ऑपरेटर का कहना है कि तहसील में जमा करो जबकि तहसील के अधिकारियों का कहना है फार्म समिति में ही जमा होगा। कुल मिलाकर आपरेटर द्वारा किसानो को परेशान किया जा रहा है।
प्रतीकात्मक छायाचित्र
ज्ञात हो की आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित परसुली में धान खरीदी हेतु ग्राम कोदोबतर, सोहगपुर, हरदी, कस, बहेड़ाबुड़ा, घुटकूनवापारा, बारूका के किसानों का पंजीयन किया जाना है, लेकिन आवेदन फार्म किसान को देने के बाद उसे आपरेटर द्वारा जमा नही लिया जा रहा है। इस मामले में तहसीलदार राकेश साहू, नोडल अधिकारी साहू , प्रबंधक भुवन लाल सिन्हा के निर्देश देने के बाद भी आपरेटर भागवत साहू द्वारा किसानों का पंजीयन फार्म जमा नही किया जा रहा है, साथ ही किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
शफीक खान, जिलाध्यक्ष : असंगठित क्षेत्र जनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ, कांग्रेस कमेटी, गरियाबंद।
आपरेटर भागवत साहू विपणन विभाग का है, विपणन अधिकारी भौमिक बघेल को इसकी सूचना दे दी गई हैं। विपणन अधिकारी बघेल से इस आपरेटर को अन्यत्र हटाने की मांग की गई है। इस आपरेटर हठधर्मिता की जानकारी कलेक्टर श्याम धावड़े व अनुविभागीय अधिकारी चौरसिया को भी दे दी गई है। आपरेटर द्वारा हमेशा किसानों, जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छा व्यवहार नही किया जाता है, इनसे कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी भी परेशान है।
इस मामले से किसानों ने सफीक खान जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी गरियाबंद (असंगठित क्षेत्र जनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ) के समक्ष शिकायत की है। सफीक खान द्वारा कलेक्टर श्याम धावड़े को मामले की जानकारी दी गई है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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