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सारंगगढ़: अवैध उत्खनन पर कार्यवाही से खिन्न सरपंच ने किया था पत्रकार पर हमला…!

चुनावी रंजिश नहीं आपसी रंजिश के चलते कांग्रेसी सरपंच ने किया था भाजपा नेता (पत्रकार) रामकुमार थुरिया पर हमला

थाना सारंगढ़ में आरोपी सरपंच गिरजा पटेल पर भादवि की धारा 294, 323 तथ 506 के तहत मामला दर्ज,

ट्रेक्टर पकड़ाने से आक्रोशित अचानकपाली के सरपंच की खुलेआम दबंगई।

कनकबीरा चौकी का है मामला, पत्रकार रामकुमार थुरिया पर किया हमला।

*हाईवे क्राइम टाईम
सारंगढ़। गोमर्डा अभ्यारण्य में सरपंच की शह पर हो रहे अवैध पत्थर उत्खनन पर हुए कार्यवाही से खिन्न होकर अचानकपाली पंचायत के सरपंच गिरजा पटेल ने अपना आक्रोश पत्रकार रामकुमार थुरिया पर निकालते हुए देर शाम को उनके घर के पास हमला कर दिया। एकाएक हुए इस हमले से आहत रामकुमार थुरिया ने कनकबीरा चौकी में पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराया जहा पर सारंगढ़ थाना में आरोपी सरपंच गिरजा पटेल के खिलाफ भादवि की धारा 294, 323 तथा 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 29 अप्रैल की रात को 8 बजे कनकबीरा निवासी रामकुमार थुरिया जो पेशे से पत्रकार है उसके निवास पर सतीश पटेल नामक व्यक्ति बुलाने आया जहा पर घर के बाहर अचानकपाली सरपंच गिरजा पटेल और उसके कुछ साथी खड़े थे रामकुमार थुरिया को देखते ही वे रामकुमार पर हमला कर दिये। एकाएक हुए इस हमले से हड़बड़ाये रामकुमार को टीकाराम पटेल और पड़ोसियो ने बचाया। वही पूरे मामले की जानकारी कनकबीरा चौकी प्रभारी को मोबाईल पर दिया जहा पर तत्काल पुलिस की टीम पहुंची जिसके बाद कनकबीरा चौकी में रामकुमार थुरिया ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज करते हुए अचानकपाली सरचंप गिरजा पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज किया जहा पर रात को ही रामकुमार थुरिया का डाक्टरी मुलाईजा किया गया जिसमें कान के पास गहरे चोट को देखते हुए डाक्टरो ने आज जिला चिकित्सालय में मुलाईजा का सलाह दिया जिसके बाद आज उनका डाक्टरी मुलाईजा रायगढ़ में हुआ। वही पूरे मामले में सारंगढ़ थाना के द्वारा आरोपी सरपंच गिरजा पटेल मे खिलाफ भादवि की धारा 294, 323 तथा 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

आखिर क्या है मामला ?

अचानकपाली पंचायत गोमर्डा अभ्यारण्य से लगा हुआ क्षेत्र है यहा पर अवैध रूप से पत्थर उत्खनन की शिकायत वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी को अर्से से मिल रही थी। जिस पर विगत दिनो गोमर्डा अभ्यारण्य के अधिकारियो के द्वारा छापामार कार्यवाही किया गया तथा अवैध उत्खनन में लिप्त् दो व्यक्तियो और ट्रेक्टर को पकड़ा गया। उक्त अवैध उत्खनन का कार्य सरपंच गिरजा पटेल के संरक्षण में चल रहा था। इस कार्यवाही के लिये सरपंच गिरजा पटेल के द्वारा सोशल मिडिया में पत्रकार रामकुमार थुरिया को दोषी ठहरा रहा था तथा मौखिक रूप से देख लेने की धमकी भी दूसरे व्यक्तियो के द्वारा प्रदान कर रहा था। इस पूरे मामले में सुनियोजित ढंग से 29 अप्रैल की रात 8 बजे सतीश पटेल को रामकुमार थुरिया को बुलाने के लिये उसके घर भेज कर घर के बाहर सरपंच गिरजा पटेल घात लगाये बैठा तथा और जैसे ही रामकुमार थुरिया घर से बाहर आया उस पर हाथ मुक्को से हमला कर दिया। इस हमले में रामकुमार के कान और चेहरा के पास चोट आई है। वही मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला के पीछे का एजेंड़ा ?

सारंगढ़ के वनांचल में बसा हुआ ग्राम पंचायत अचानकपाली में गौणखनिज मद सहित करोड़ो रूपये के निमार्ण कार्य मे सरपंच के द्वारा जमकर अनियमितता किया गया है। 4 इंच के बेस में बनने वाले सीसी रोड़ कुल 8 इंच की मोटाई के साथ बनना था किन्तु महज 3 इंच मोटाई के साथ निमार्ण कार्य का इतिश्री कर दिया गया। वही इस पंचायत के कई घपला और घोटाला का राज आने वाले दिनो में खुलने वाला था इस कारण से सुनियोजित ढंग से सरपंच गिरजा पटेल के द्वारा रामकुमार थुरिया पर हमला कर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को रोकने का संदेश प्रदान किया गया है। वर्तमान में सारंगढ़ विकासखंड़ में कुछ सरपंचो की दबंगई इतना ज्यादा बढ़ गया है कि सारंगढ़ को बिहार बनाने में वे पीछे नही हो रहे है। शांत और भोले भोले लोगो का अंचल सारंगढ़ को भ्रष्टाचार का गढ़ बनाने के लिये कुछ सरपंच किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इस घटना से गिरजा पटेल का चेहरा प्रमुख रूप से सामने आ ही गया है। ऐसे में देखना यह है कि निमार्ण कार्यो का सत्यापन करने वाले अधिकारी और कानून का पालन कराने वाले पुलिस विभाग ऐसे सरपंचो को किस तरह से अपने दबोच में लेते है।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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