बालोद में कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक बदलाव, 8 ब्लॉकों में नियुक्त किए नए अध्यक्ष
गुरूर, गुंडरदेही समेत आठ विकासखंडों में नई जिम्मेदारी; असंगठित वर्ग की समस्याओं को संगठन के मंच तक पहुंचाने का दायित्व
बालोद hct : कांग्रेस बालोद में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया है। असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ के तहत जिले के आठ विकासखंडों में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों के साथ ही पार्टी ने असंगठित वर्ग की समस्याओं को सीधे संगठन के मंच तक पहुंचाने की जिम्मेदारी नए पदाधिकारियों को सौंपी है।
समस्याओं को संगठन से जोड़ने की कवायद

कांग्रेस बालोद में 8 ब्लॉकों में जारी नियुक्ति सूची में बालोद से ऐनू राम साहू, गुरूर से पितर सिंह, गुंडरदेही से मुकेश सोनकर, डौंडी लोहारा से अनेद साहू, डौंडी से टीकाराम यादव, दल्ली राजहरा से अनुप बाबेश्वर, अर्जुन्दा से हरिशंकर साहू और देवरी से खगेश ठाकुर को ब्लॉक अध्यक्ष बनाया गया है।
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समस्याओं को संगठन से जोड़ने की कवायद कांग्रेस के असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में असंगठित वर्ग से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित कर उन्हें संगठन के माध्यम से उठाना और संबंधित स्तर पर समाधान के लिए पहल करना बताया गया है। ऐसे में नई नियुक्तियों को केवल पद वितरण के तौर पर नहीं, बल्कि ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

जिला अध्यक्ष : जिला कांग्रेस कमेटी असंगठित समस्या निवारण प्रकोष्ठ, जिला बालोद
कांग्रेस बालोद ने 8 ब्लॉकों में की नियुक्तियां
जिला स्तर से जारी पत्र में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के अनुरूप प्रकोष्ठ के गठन और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति का उल्लेख किया गया है। आदेश पर प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीकी एवं जिला अध्यक्ष जीवराखन साहू के हस्ताक्षर हैं। गुरूर समेत आठ क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी नई नियुक्तियों में खास तौर पर गुरूर, गुंडरदेही, बालोद, डौंडी, डौंडी लोहारा, दल्ली राजहरा, अर्जुन्दा और देवरी क्षेत्र शामिल हैं।
जमीनी सक्रियता पर कांग्रेस बालोद की नजर
अब इन पदाधिकारियों के सामने अपने-अपने ब्लॉक में असंगठित वर्ग तक पहुंच बनाने और उनकी समस्याओं को संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाने की चुनौती होगी। 10 अगस्त 2026 को जारी नियुक्ति आदेश के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नए ब्लॉक अध्यक्ष जमीनी स्तर पर कितनी सक्रियता दिखाते हैं और क्षेत्र की समस्याओं को किस तरह कांग्रेस के मंच तक पहुंचाते हैं।



