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धान खरीदी के नाम पर 19 किसानों से रु21.37 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

बाजार भाव से ज्यादा कीमत और दो दिन में भुगतान का भरोसा देकर किसानों से खरीदा धान; रकम नहीं लौटाने पर सनौद थाने में दर्ज हुआ मामला

सनौद / गुरुर (बालोद)। किसानों को बाजार भाव से अधिक कीमत पर धान खरीदने और महज एक-दो दिन में भुगतान करने का भरोसा देना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। सनौद थाना क्षेत्र में 19 किसानों से धान खरीदने के बाद करीब 21.37 लाख रुपये का भुगतान नहीं करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

ज्यादा कीमत का भरोसा, धान खरीदा और भुगतान अटक गया

पुलिस के मुताबिक ग्राम बोहरा निवासी कन्हैया लाल साहू की शिकायत पर यह मामला सामने आया। शिकायत में ग्राम नांहदा निवासी दीपक अग्रवाल उर्फ मयंक जैन पर आरोप लगाया गया कि उसने किसानों को बाजार दर से अधिक कीमत पर धान खरीदने और खरीदी गई उपज की राशि एक-दो दिन के भीतर भुगतान करने का भरोसा दिया था।
इसी भरोसे पर ग्राम बोहरा, डोटोपार और आसपास के क्षेत्र के किसानों ने उसे धान दिया। लेकिन धान लेने के बाद भुगतान नहीं किया गया। शिकायत के अनुसार कुल 19 किसानों की धान की राशि ₹21,37,745 बकाया रह गई।

19 किसानों से जुड़े मामले की जांच शुरू

शिकायत मिलने के बाद सनौद पुलिस ने अपराध क्रमांक 80/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने किसानों से संबंधित जानकारी, धान खरीदी और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच शुरू की है। मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि किसानों से कितनी मात्रा में धान खरीदा गया, किस दर पर सौदा हुआ और भुगतान नहीं करने के पीछे क्या परिस्थितियां रहीं।

राजनांदगांव के घुमका से पकड़ा गया आरोपी

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी दीपक अग्रवाल उर्फ मयंक जैन (32) की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार उसे राजनांदगांव जिले के घुमका से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को 21 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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दस्तावेज और किसानों के बयानों की जांच

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। संबंधित किसानों के बयान, धान खरीदी से जुड़े दस्तावेज, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मामला किसानों की फसल और भुगतान से जुड़ा होने के कारण अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में कुल कितनी मात्रा में धान खरीदा गया, भुगतान के लिए क्या लेन-देन हुआ और 19 किसानों की बकाया राशि का वास्तविक हिसाब क्या है।

किसानों के लिए भी सावधानी जरूरी

धान या अन्य कृषि उपज बेचते समय किसानों के लिए खरीदार की पहचान, खरीद की दर, भुगतान की समय-सीमा और लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है। भुगतान संबंधी कोई लिखित या डिजिटल प्रमाण उपलब्ध हो तो उसे भी सुरक्षित रखने से विवाद की स्थिति में जांच में मदद मिल सकती है।

Balod pratinidhi
अमीत मंडावी संवाददाता
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