कोण्डागांव शतरंज प्रतियोगिता में 65 खिलाड़ी आमने-सामने
कायस्थ समाज के आयोजन ने बस्तर की प्रतिभा और बदलती सकारात्मक तस्वीर को दिया मंच

कोण्डागांव जिले में पहली बार कायस्थ समाज कोण्डागांव द्वारा सेंट जेवियर्स स्कूल में राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न सिर्फ खेल प्रेमियों को आकर्षित किया, बल्कि बस्तर क्षेत्र में उभरती बौद्धिक प्रतिभाओं को एक साझा मंच भी प्रदान किया। प्रतियोगिता में राज्यभर से आए 65 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया, जहां हर चाल के साथ शह और मात का रोमांच देखने को मिला। आयोजन का माहौल पूरी तरह प्रतिस्पर्धात्मक होने के साथ-साथ उत्साह से भी भरा रहा।
शुभारंभ और मुकाबलों में दिखा कौशल
प्रतियोगिता का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल और उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी ने किया। उद्घाटन के बाद खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में दिमागी कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। हर राउंड में रणनीति, धैर्य और एकाग्रता का संतुलन साफ नजर आया, जिससे मुकाबले लगातार रोचक होते चले गए। दर्शकों के लिए यह प्रतियोगिता सिर्फ खेल नहीं, बल्कि मानसिक दक्षता का जीवंत प्रदर्शन बन गई।
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बस्तर की प्रतिभा पर खिलाड़ियों का भरोसा
बाहरी जिलों से आए खिलाड़ियों ने भी आयोजन और यहां की प्रतिभा की सराहना की। भिलाई से पहुंचे पंकज सिंह ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। वहीं रायपुर के हर्ष चौहान ने भी माना कि यहां के खिलाड़ी उचित मार्गदर्शन मिलने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं। इन प्रतिक्रियाओं ने स्थानीय प्रतिभाओं के आत्मविश्वास को और मजबूत किया।
आयोजन का उद्देश्य और सामाजिक संदेश
कायस्थ समाज के अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल खेल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से बस्तर के नक्सलवाद मुक्त होने का सकारात्मक संदेश देना भी है। साथ ही, क्षेत्र की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए ऐसा मंच तैयार करना इस पहल का मुख्य लक्ष्य रहा। इस सोच ने आयोजन को एक सामाजिक सरोकार से भी जोड़ दिया।
समापन समारोह में सहभागिता और सहयोग
समापन समारोह जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अविनाश भोई के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस दौरान आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और सहयोगियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के विभिन्न सदस्यों ने अपनी भूमिका निभाई, जिससे यह आयोजन सामूहिक प्रयास का उदाहरण बनकर सामने आया।



