जब से छत्तीसगढ़ की फ़िजा में हनी ट्रैप की लहर चली है मुझ जैसे “एक्सिडेंटल पत्रकार” के दिमाग मे बिजली क्रौंध रही थी कि आखिर ये बला है क्या ? धीरे-धीरे प्याज के परत की तरह मामले का खुलासा होते गया और मैं भी उसे समझता चला गया।
मामले में अनेक दिग्गज नेताओं के नामों का खुलासा हुआ है जिसमें हमारे प्रदेश के सफेदपोश, नामधारी कर्णधारों के साथ-साथ आईएएस और मीडिया के महान दलाल भी शामिल हैं। आश्चर्य यह कि जिसके नाम की कल्पना भी नहीं की जा सकती इस हनी ट्रैप में वे भी फंस गए।
रायपुर। गजब का ट्रैपिंग हुआ साहब ! सोशल मीडिया में अनेकों ने इस ट्रैपिंग के मकड़जाल को उजागर करने का दावा तो कर रहे हैं; लेकिन सच को अभी भी छिपाया जा रहा है।
हनी ट्रैप गैंग में धरी गई बंदियों से कुछ पन्ने मिले हैं “छत्तीसगढ़ के पंछी” के नाम से, उस पन्ने में खास सांकेतिक शब्दों में छत्तीसगढ़ के पूर्व भाजपा सरकार के कुछ मंत्रियों, विधायकों के साथ दो-तीन नौकरशाहों के नाम भी उल्लेखखित है। इन नामों में एक तो ऐसे मंत्री हैं; जिनकी सीडी पहले ही मार्केट में आ चुकी है। भले ही उस सीडी को दमन सरकार दबा गई और उसे फर्जी करार देने में एक मीडिया हाउस ने तो न्यायाधीश की भूमिका निभाते हुए (अ)न्याय ही कर दिया था।
अब इस ट्रैपिंग के जाल में एक (और मीडिया हाउस) दैनिक अखबार के सम्पादक *HD पूर्व सरकार के अघोषित प्रवक्ता, जिन्होंने लगभग 1 करोड़ से भी अधिक की रकम से दमन सरकार का चेहरा चमकाने की कीमत, वर्तमान भूपेश सरकार से अदायगी के लिए दबाव डाले जाने की सुगबुगाहट को वास्तविकता में बदल कर पूरी मीडिया को बदनामी के कगार पर ला पटका है ! “चमड़ी का सुख और वह भी उधार में !” वाह रे मीडिया के HD (हरामखोर दलाल)। इस मीडियाई दलाल के साथ जिस सांकेतिक भाषा में जिन मंत्री विधायक का नाम आया है उसे भी इशारे ही इशारों में आप भी जान समझ लीजिए।

ये हैं “छत्तीसगढ़ के पंछी”

इन पन्नों में शीर्षक में लिखा है छत्तीसगढ़ के पंछी.. उसके बाद नीचे साफ लिखा है कि किससे कितना लेना है। इन पन्नों में नौ लोगों के नाम हैं जिनसे लेन-देन की रकम और अन्य बातों का जिक्र देखने को मिल रहा है।
इनमें से पहला नाम बंसल साहब का हैं जिन्होंने 3 दिया और उनसे 1 लेना लिखा है (अनुमानतः शायद करोड़ हो सकता है) दूसरे नम्बर पर किसी चौधरी भाई के नाम का उल्लेख है जिनसे हवाला के जरिए गोआ में 2 और भोपाल से 2 लिखा हुआ है, तीसरे स्थान पर VIP गागड़ा के नाम का उल्लेख है जिसके नाम के आगे 2.5 आया और NGO 5 बाकी लिखा गया है, चौथे स्थान पर VIP OP (house cg) लिखा है जिसके नाम के आगे 75 दिया 25 देगा लिखा हुआ है पांचवे नम्बर पर *HD (media)नहीं दिया 1 देगा लिखा हुआ है (इस काम मे भी उधारी) इसके अलावा क्रमशः VIP KK मंत्री, A menon, A sanjar, M G Rpr और अंत मे R Munat लिखा पाया गया है।

 

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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