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“सांगली” के नवनिर्मित टीना शेड की छत में ‘भ्रष्टाचार के छेद’!

ग्राम पंचायत सांगली में निर्माण की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, जांच और मरम्मत की मांग

गुरूर (बालोद)। जनपद पंचायत गुरूर अंतर्गत ग्राम पंचायत सांगली में ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक उपयोग के लिए निर्मित टीना शेड पहली ही बारिश में अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शेड की छत में जगह-जगह छेद होने से बारिश का पानी सीधे नीचे टपक रहा है। जिस निर्माण से ग्रामीणों को बारिश से राहत मिलनी थी, वही अब बारिश में परेशानी का कारण बन गया है।

बारिश से बचाने बना शेड, खुद पानी से बचने लायक नहीं

सांगली टीना शेड के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान नहीं रखे जाने का ग्रामीणों ने लगाया है आरोप। हाल ही में इस टीना शेड का निर्माण कराया गया था। निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद हुई बारिश ने छत की स्थिति सामने ला दी। छत में मौजूद कई छेदों से पानी लगातार टपकने लगा, जिसके चलते शेड के भीतर खड़े लोगों को बारिश से बचाव की सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। कई हिस्सों में पानी जमा होने से आवाजाही और सामुदायिक उपयोग भी प्रभावित हो रहा है।

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सांगली टीना शेड की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि नया निर्माण यदि पहली ही बारिश में पानी रोकने में नाकाम हो जाए, तो निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच स्वाभाविक रूप से जरूरी हो जाती है। ग्रामीणों ने शेड की छत में दिखाई दे रहे छेदों और बारिश के दौरान उत्पन्न हो रही समस्या को निर्माण कार्य की गुणवत्ता से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।

निर्माण की निगरानी पर भी उठे सवाल

मामला केवल छत से पानी टपकने तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक उपयोग के लिए खर्च की गई राशि से तैयार निर्माण यदि उपयोग शुरू होते ही मरम्मत की स्थिति में पहुंच जाए, तो निर्माण की निगरानी, गुणवत्ता परीक्षण और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होते हैं।
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत गुरूर तथा संबंधित अधिकारियों से टीना शेड के निर्माण की जांच कराने, निर्माण की गुणवत्ता की पड़ताल करने और खामियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शेड की मरम्मत कराकर उसे बारिश के दौरान उपयोग के योग्य बनाने की मांग भी की गई है।

नवनिर्मित टीना शेड की छत में दिखाई दे रहे छेद अब महज निर्माण की खामी हैं या इसके पीछे गुणवत्ता से समझौते का मामला है—इसका जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पहली बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवालों को जरूर सामने ला दिया है।

Balod pratinidhi
अमीत मंडावी संवाददाता
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