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बसना स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू

महासमुंद जिले के बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा प्रारंभ, ग्रामीण महिलाओं को अब बाहर रेफर होने से मिलेगी राहत

बसना स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

बसना : सुनील महापात्र (ब्यूरो) hct :  महासमुंद जिले के बसना अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बसना सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर दी गई है। इस सुविधा के शुरू होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को विशेष राहत मिलेगी। पहले जटिल प्रसव की स्थिति में मरीजों को महासमुंद, रायपुर या अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजना पड़ता था, लेकिन अब कई मामलों में स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित उपचार संभव हो सकेगा।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल

इस सुविधा की शुरुआत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो पाई है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और जिला पंचायत सीईओ हेमंत नन्दनवार के मार्गदर्शन में इस दिशा में लगातार काम किया गया। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन के माध्यम से सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था तैयार हो सकी।

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चिकित्सा टीम के प्रयास से मिली सफलता

खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण साहू के नेतृत्व में अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई। जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे, डॉ. ज्योति साहू, डॉ. छत्रपाल चंद्राकर और आरएमएनसीएचए सलाहकार संदीप चंद्राकर की निगरानी में पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया।
इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिलाषा गौतम, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दयानंद होता, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राहुल कश्यप, नर्सिंग स्टाफ रैना रागनी और आकांक्षा इक्का सहित विकासखंड कार्य प्रबंधक डोलचंद नायक का विशेष योगदान रहा।

पहला सिजेरियन प्रसव सफल

बसना सिजेरियन प्रसव सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना

नई सुविधा के तहत ग्राम भूकेल निवासी गंगा पटेल (27 वर्ष), पति रविंद्र पटेल, का सुरक्षित सिजेरियन प्रसव कराया गया। 20 मार्च को दोपहर 2 बजकर 8 मिनट पर जन्मे नवजात शिशु का वजन 3 किलो 410 ग्राम बताया गया है। चिकित्सकों के अनुसार मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल में निगरानी में हैं।

बसना सिजेरियन प्रसव सुविधा से ग्रामीण महिलाओं को राहत

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बसना सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू होने से जटिल प्रसव के मामलों में स्थानीय स्तर पर ही उपचार संभव हो सकेगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि इस सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर उपचार मिलेगा और मातृ व शिशु स्वास्थ्य में सुधार होगा।
वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि इससे जटिल प्रसव मामलों में तुरंत उपचार संभव होगा और मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी आने की संभावना है। फिलहाल यह सेवा नियोजित मामलों के लिए शुरू की गई है और जल्द ही इसे सभी प्रकार के प्रसव के लिए विस्तारित करने की योजना है।

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