कटंगपाली गुरुकुल संचालन समिति का गठन
सरायपाली क्षेत्र के कटंगपाली स्थित आवासीय गुरुकुल में नई कार्यकारिणी बनी, वैदिक शिक्षा और संस्कार आधारित शिक्षण को आगे बढ़ाने पर जोर

कटंगपाली गुरुकुल संचालन समिति का गठन
सरायपाली : सुनील महापात्र (ब्यूरो)। बदलते समय के साथ जहां आधुनिक शिक्षा पद्धति तेजी से विस्तार कर रही है, वहीं वैदिक शिक्षा परंपरा को जीवित रखने का कार्य कुछ संस्थाएं निरंतर कर रही हैं। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड के ग्राम कटंगपाली स्थित गुरुकुल में नई कटंगपाली गुरुकुल संचालन समिति का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए नई कार्यकारिणी को जिम्मेदारी सौंपी गई।
वैदिक शिक्षा और संस्कार आधारित प्रशिक्षण
कटंगपाली का यह गुरुकुल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आवासीय शिक्षण केंद्र माना जाता है। यहां विद्यार्थियों को वैदिक अध्ययन के साथ-साथ संस्कार शिक्षा, संस्कृति, आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता और मानसिक दृढ़ता से जुड़े विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है। दूर-दराज़ के गांवों से आने वाले कई छात्र यहां रहकर अध्ययन करते हैं। गुरुकुल में ऐसे बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जिनका पारिवारिक सहारा सीमित है या जो अनाथ हैं।
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कटंगपाली गुरुकुल संचालन समिति की नई कार्यकारिणी
बैठक में स्वामी रविन्द्र दास को अध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही आचार्य महावीर सिंह, देवराज मिश्रा और किशोर रथ को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। आचार्य ऋषिराज को संचालक, सरस्वती देवी को सचिव तथा निलाम्बर कश्यप को सह सचिव बनाया गया। समिति में कोषाध्यक्ष, समन्वयक, सांस्कृतिक प्रभारी और अन्य पदों के लिए भी जिम्मेदारियां तय की गईं, ताकि गुरुकुल की गतिविधियों का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जा सके।
ग्रामीणों और अभिभावकों की सहभागिता
बैठक में विद्यार्थियों के अभिभावक, मातृशक्ति, आसपास के गांवों के ग्रामीण और गुरुकुल से जुड़े गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने गुरुकुल के माध्यम से वैदिक परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की और नई कार्यकारिणी को सहयोग देने का भरोसा जताया।
शिक्षा के साथ संस्कारों पर जोर
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि गुरुकुल केवल पाठ्य अध्ययन का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जीवन मूल्यों, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को विकसित करने का माध्यम भी है। नई समिति ने आने वाले समय में गुरुकुल की गतिविधियों को और मजबूत करने तथा अधिक विद्यार्थियों तक इस व्यवस्था को पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

