Chhattisgarh

बालोद जिला में अवैध रूप से संचालित “उम्मीद हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल” !

*हेमंत साहू
बालोद जिला का यह दुर्भाग्य है कि, मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल क्या होता है इसकी जानकारी ना तो संचालित करने वाले “उम्मीद हेल्थ केयर” के संचालक डॉक्टर प्रदीप साहू को है, ना ही हमारे इस बालोद जिला के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी.एल. रात्रे को। बालोद दुर्ग मेन रोड में संचालित “उम्मीद हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल” की जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ विभाग के अधिकारी हाथ मे हाथ धरे बैठे है। उम्मीद हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल को अपने संरक्षण में अवैध रूप से संचालित करने हेतु संरक्षण दे रहे हैं तभी तो इतने बड़े बालोद जिला में मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल जैसे इतने छोटे से मकान में एक ही विशेषज्ञ डॉक्टर चिकित्सक द्वारा संचालित होना संभव है।
संचालक डॉक्टर प्रदीप साहू
हमारे द्वारा जब उम्मीद हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक से जानकारी जानना चाहा तो वो हम पत्रकारों से बचते नजर आए। उन्होंने साफ कहा अभी इन्फेक्शन नही हुआ है। मैं किसी तरह से अभी बाईट नही दे सकता। वह हमे अपना बाइट देने से भी साफ मुकर गए इससे यह साफ जाहिर होता है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उक्त संचालक को संरक्षण दे रहे हैं।
बालोद जिला चिकित्सालय के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी.एल. रात्रे से हमारे द्वारा जानकारी मांगा गया तो आधी अधूरी जानकारी दिया गया।
मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी का यह जवाब था कि, अभी उम्मीद हैल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने ऑनलाइन आवेदन किया है, उक्त हॉस्पिटल को लाइसेंस या पंजीयन नहीं मिला है। वो अभी मरीजो का ईलाज नही कर सकते। जबकि उम्मीद हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के स्टाफ नर्सों द्वारा पूछा गया कि यहां इलाज प्रारंभ किया गया है क्या करके तो स्टाफ नर्स द्वारा जानकारी दिया गया कि अभी इलाज शुरू हो गया है, यहां उल्टी दस्त बुखार और विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रसित मरीजो का इलाज जारी है।
इस बात की जानकारी हमारे जिलावासियों को होना अति आवश्यक है की मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 24 घंटे में 8 घंटे के शिफ्टवाइज एनेस्थेटिक बेहोशी चिकित्सक, एमडी, मेडिसिन विभाग के चिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ, मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, शिशु रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन, कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ सर्जन, पेट रोग विशेषज्ञ सर्जन,और सभी प्रकार के विशेषज्ञ सर्जनों की उपस्थिति आवश्यक होती है।
मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में,रेडियोलॉजिस्ट जो की सीटी स्कैन,एम आर आई,सोनोग्राफी,एक्सरे की रिपोर्टिंग हेतु 24 घंटे उपलब्ध रहे हैं, वहां कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक और एमडी पैथोलॉजिस्ट जो की खून पेशाब जांच की रिपोर्टिंग करता हो; ऐसे तमाम प्रकार के चिकित्सक जिस हॉस्पिटल में 24 घंटे उपलब्ध रहते हो, उसे मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का दर्जा प्राप्त होता है। पूरे छत्तीसगढ़ में मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल बहुत ही कम है ऐसे नहीं एक ही विभाग के चिकित्सक अपने अस्पताल का नाम हमारे बालोद जिला के आम जनों को गुमराह करने हेतु अपने फायदे के लिए उम्मीद हेल्थ केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का नाम देकर हमारे जिलावासियों की चिकित्सा के क्षेत्र में गुमराह करने जैसा घिनौना दुष्प्रचार कर अपना चिकित्सकीय पेशे को व्यवसाय का बहुत बड़ा रूप देकर फलने फूलने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। उक्त हॉस्पिटल को यदि जिला चिकित्सालय की तरफ से संरक्षण नहीं है, तो सम्बंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा ठोस कार्यवाही जल्द से जल्द करने की आवश्यकता है। अधिक जानकारी के लिए हमारे द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉक्टर जी आर रावटे को कई बार फोन किया गया, किन्तु डॉक्टर साहब फोन उठाना मुनासिब नही समझे, प्राप्त जानकारी के अनुसार, नोडल अधिकारी जिला मुख्यालय में नही रहते, वह स्वयं गुरुर के बीएमओ है। डॉक्टर जी.आर.रावटे जी की ड्यूटी गुरुर सरकारी हॉस्पिटल में रहने के कारण,अपने नोडल अधिकारी पद का दायित्व सही तरीके से नही निभा पा रहे हैं।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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