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रक्षाबंधन 2022 : अफवाहें, भ्रम और निवारण

रायपुर । वर्ष 2022 में श्रावण पूर्णिमा,11 अगस्त 2022 गुरुवार को मनाई जानी है। एवं विभिन्न लोगो का कहना है कि उस दिन ज्योतिष के अनुसार भद्रा है,जो कि अशुभ है। परंतु 11 अगस्त 2022 की पूर्णिमा को संपूर्ण दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेगा, एवं चंद्रमा के मकर राशि में होने से भद्रा का वास इस दिन पाताल लोक में रहेगा। पाताल लोक में भद्रा के रहने से यह शुभ फलदायी रहेगी।। इसलिए पूरे दिन सभी लोग अपनी सुविधा के अनुसार अच्छे चौघड़िए और होरा के अनुसार राखी बांधकर त्यौहार मना सकते हैं।। मुहुर्त्त चिन्तामणि के अनुसार जब चंद्रमा कर्क, सिंह, कुंभ या मीन राशि में होता है तब भद्रा का वास पृथ्वी पर होता है. चंद्रमा जब मेष, वृष, मिथुन या वृश्चिक में रहता है तब भद्रा का वास स्वर्गलोक में रहता है. कन्या, तुला, धनु या मकर राशि में चंद्रमा के स्थित होने पर भद्रा पाताल लोक में होती है. भद्रा जिस लोक में रहत...

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“कोरोना दाई” के अन्धविश्वास ने निगल लिया एक नाबालिग बेटी को …

"जब तक दवाई नही तब तक ढ़िलाई नही।" मोदी जी और अमिताभ के इस बोल बचन से अमूमन समूचा इंडिया गुंजायमान है। एक साल होने जा रहा है इस "वैश्विक महामारी कोविड 19" को। देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है और इनके श्रीमुख से ऐसे बोल फूट रहे हैं...! हमने सुना है कि, हर साल कोई न कोई महामारी पूरे विश्व को अपने चपेट में लेती है और अपनी छाप छोड़ जाती है, मगर इस कोरोना नामक महामारी ने जितना अपना असर नहीं दिखाया उतना असर हमारे देश के नेताओं ने दिखा दिया। इस महामारी ने अवसरवादियों के लिए एक सुनहरा अवसर खड़ा कर दिया है। जिसे देखो बस लूटने को तत्पर ... याद कीजिए, जब हैजा नामक एक महामारी की ज़द में हमारा देश भी आया था, तब मोदी और अमिताभ; आज जिस पोजीशन हैं; उस लायक नहीं थे। उक्त 'हैजा' की बीमारी को इस कलयुग में एक देवी के रूप में मान्यता दी जाकर पूजा की जाती है और इस कोरोना को भी भक्तों के अब्बा...

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गरियाबंद। गणेश उत्सव को लेकर प्रशासन के तुगलकी गाइडलाइन से गणेश समिति वाले नाराज…

नगर पालिका अध्यक्ष ने विरोध प्रकट कर कि संशोधन की मांग कोरोना के ग्रहण से 80 प्रतिशत समितियां नही कर सकेंगी आयोजन गरियाबंद। 22 अगस्त से आयोजित होने वाले गणेशोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने गाइड लाइन जारी कर दी है। परंतु इस गाइड लाइन में इतने सक्त निर्देश दिए गए है कि कोई भी गणेश समिति गणेश मूर्ति स्थापना करने के पहले दस बार सोचेगी। जारी आदेश से नगर सहित जिले की 80 प्रतिशत समितियां इस बार गणेश मूर्ति की स्थापना नही कर सकेंगी। एक प्रकार से ये आदेश गणेश समितियो को हतोत्साहित करने वाला है। समिति वालो ने भी इसे लेकर अपनी कड़ी आपत्ति जाहिर की है। समिति वालो का कहना है कि प्रशासन द्वारा जारी गाइड लाइन के पालन में इतना खर्च हो जाएगा जितना गणेश उत्सव में नही होता है। दूसरी ओर किसी भी व्यक्ति के पंडाल स्थल पर संक्रमित पाए जाने पर उसके इलाज के खर्च की जवाबदारी भी समिति पर थोपी गई है इसे लेकर जमकर आक्र

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गणेश पंडाल में जाने के कारण यदि कोई संक्रमित होता है, तो इलाज की जवाबदारी मूर्ति स्थापना करने वाले व्यक्ति या समिति की होगी। 

जिले में गणेश उत्सव के संबंध में कलेक्टर ने जारी किया दिशा-निर्देश गरियाबंद। कोविड-19 वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी छतर सिंह डेहरे ने जिले में गणेश उत्सव के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिसके अनुसार गणेश के मूर्ति की ऊंचाई एवं चैड़ाई 4×4 फिट से अधिक नही होना चाहिए। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार भी 15×15 वर्गफिट से अधिक नहीं होना चाहिए। गली या सड़क प्रभावित ना हो पंडाल के सामने कम से कम 5000 वर्ग फीट की खुली जगह होनी चाहिए। कलेक्टर डेहरे ने कहा कि गणेश पंडाल एवं सामने 5000 वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडप एवं पंडाल के सामने दर्शको

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वुहान में भी यह ध्यान अभ्यास “कोरोना वाइरस महामारी के खिलाफ” कारगर हुआ।

यह ध्यान अभ्यास बढ़ा सकता है आपकी प्रतिरोधक शक्ति फालुन दाफा (या फालुन गोंग) मन और शरीर का एक उच्च स्तरीय साधना अभ्यास है। बुद्ध और ताओ विचारधारा पर आधारित ये अभ्यास प्राचीन समय से एक गुरु से एक शिष्य को हस्तांतरित होता आ रहा है। फालुन दाफा में पांच सौम्य और प्रभावी व्यायाम सिखाये जाते हैं। किन्तु बल मन की साधना या नैतिक गुण साधना पर दिया जाता है। ये व्यायाम व्यक्ति की शक्ति नाड़ियों को खोलने, शरीर को शुद्ध करने, तनाव से राहत और आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायता करते हैं। डॉ. लिली फेंग, बेलोर कॉलेज ऑफ मेडिसिन, टेक्सास में इम्यूनोलॉजी की प्रोफेसर के शोध के अनुसार फालुन दाफा बीमारियों के विरुद्ध प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में कारगर है। डॉ. लिली फेंग ने सफेद रक्त कोशिकाओं (न्युट्रोफिल) के जीवन काल और कार्य की जांच की जिसमे पाया गया कि फालुन दाफा अभ्यासियों के न्यूट्रोफिल का इन-विट्रो जीवन काल नि

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कोरोना वाइरस : हम चीन पर विश्वास क्यों नहीं कर सकते ?

कोरोना वाइरस 2 महीने के अन्दर ही चीन के अलावा दुनिया के 50 से भी अधिक देशों में फैल चुका है। भारत भी इससे अछूता नहीं रह गया है। हांगकांग के मेडिकल विशेषज्ञ प्रो॰ गैबरियल लेउंग के अनुसार यदि कोरोना वाइरस को रोका नहीं गया तो दुनिया की 60% आबादी इससे संक्रमित हो सकती है, जिसमे 4.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती है। क्या चीन द्वारा इस विषय पर की गयी शुरूआती लापरवाही, लगातार छिपाने और कम रिपोर्ट करने की प्रवृति ने दुनिया के लोगों को खतरे में नहीं डाल दिया है...? आइये इस मामले की तह तक जाकर इसका विश्लेषण करते हैं। वुहान। पिछले 70 वर्षों में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) ने अपने देश को एक के बाद एक मानव निर्मित त्रासदियों के अधीन किया है, जैसे महान अकाल, सांस्कृतिक आन्दोलन, तियानमेन स्क्वायर हत्याकांड, फालुन गोंग का दमन, तिब्बत, शिनजियांग और हांगकांग में मानवाधिकारों का दमन, आदि। प्राकृतिक आपदाओं या

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लॉक डाउन पर नंदी का नॉक…

*भरत सोनी। रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय विपदा "कोरोना" जैसी महामारी का खौफ ऐसा कि सरकार ने तो एहतियातन समूचे देश में लॉक्ड डाउन का फरमान जारी किया हुआ है ऐसी विपदा संकट के समय भारत जैसे विशाल आस्था वाले देश में नरेंद्र दामोदर मोदी ने प्रत्येक गरीब परिवार को उनके जनधन वाले खाते में (जहाँ १५ लाख प्रत्येक में........) 500 रुपए प्रति माह के हिसाब से तीन महीने के लिए 1500 रुपए देने की घोषणा की है। 130 करोड़ की आबादी में 80 करोड़ लोगों तक सस्ता राशन व अन्य सुविधाओं के लिए 1लाख 70 हजार करोड़ रुपये के राहत की घोषणाओं के साथ अपना योगदान दिया है। धन्य है मेरा भारत, इस देश में मेहमान को भगवान का दर्जा प्राप्त है और जब स्वयं भगवान किसी गरीब की झोपडी में प्रगट हो जाए तो ? एक तो गरीबी की मार दूजा कोरोना का वार, ऊपर से  "लॉक्ड डाउन" की पाबन्दी अब ऐसे में स्वयं भगवान शिव अथवा उनका नंदी किसी गरीब बस्ती में दूध पी...

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रक्षित आरक्षी केंद्र में की गई “शस्त्र पूजा” एसपी ने दी जवानों को दशहरा की बधाई।

गरियाबंद (hct)। जिला रक्षित निरीक्षक कार्यालय में दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजा की गई। पूजा में पुलिस अधीक्षक एम आर आहिरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, रक्षित निरीक्षक उमेश राय, डीएसपी संजय ध्रुव तथा पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जवान उत्साह पूर्वक सम्मिलित हुये पुलिस विभाग द्वारा इस अवसर पर देवी दुर्गा तथा शस्त्रो की स्थापना कर पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना हवन आरती की गई। पुलिस अधिकारियों ने अपने वाहनों की भी पूजा की, इस अवसर पर एस पी, एम आर आहिरे ने सभी जवानों को दशहरे की बधाई दी तथा जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने अपील की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान शस्त्र पूजा में सम्मिलित हुये।

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रथयात्रा के अवसर पर दसौंदी तालाब में महाआरती का आयोजन

*हेमंत साहू बालोद। जिला मुख्यालय गजपारा के दशोदी तलाब स्थित जलेश्वर महादेव में ओम नमः शिवाय मंत्र लेखन के 7 वर्ष पूर्ण होने व् आठवे अभिषेक के लिए केवल पांच माह में एक करोड़ पूर्ण होने एव रथयात्रा के पावन अवसर पर 4 जुलाई गुरुवार को शाम 7 बजे महाआरती का आयोजन किया गया हैं। दशोदी तलाब में स्थित जलेश्वर महादेव समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 जुलाई गुरुवार को सातवे वर्ष पूर्ण होने के साथ ही स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर सध्या 7 बजे महाआरती होगी। 4 जुलाई 2012 में ओम नमः शिवाय मत्र लेखन प्रारभ हुआ था। कुछ श्रद्धालुओ के माध्यम से शरू किए हुए मंत्र लेखन कार्य अब तक अनवरत जारी हैं। एक ही दिन में 350 भक्त मत्र लेखन कक्ष में पहुचकर ओम नमः शिवाय मत्र लिख रहे हैं। समस्त शिव भक्तो का संकल्प श्री जलेश्वर महादेव समिति, प्रेरणा प्रभु कृपा एव प्रयास माँ जी फाउंडेशन के दशोंदी तलाब परिसर में ओम नमः शिवा...

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आज अस्त होते हुए ,सूर्य के अर्घ्य के साथ छठ पूजा की शुरुआत। जानिए छठ पर्व से जुड़े कुछ रोचक तथ्य…

आज अस्त होते हुए सूर्य के अर्घ्य के साथ छठ पूजा की शुरुआत हो गई है इसी तरह कल उदय होते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, आइए हम छठ महापर्व से जुड़ी आस्था एवं श्रद्धा से संबंधित कुछ बातें जाने। बिहार-झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोकपर्व छठ या सूर्यषष्‍ठी पूजा का फैलाव देश के उन भागों में भी हो गया है, जहां इस इलाके के लोग जाकर बस गए हैं। इसके बावजूद, देश की बहुत बड़ी आबादी इस पूजा की मौलिक बातों से अभी तक अनजान है। इतना ही नहीं, जिन लोगों के घर में यह व्रत होता है, उनके मन में भी इसे लेकर कई सवाल उठते हैं। आगे इस पूजा से जुड़ी प्रामाणिक और सटीक जानकारी सवाल-जवाब के रूप में दी गई है। 1. छठ या सूर्यषष्‍ठी व्रत में किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है? इस व्रत में सूर्य देवता की पूजा की जाती है, जो प्रत्‍यक्ष दिखते हैं और सभी प्राणियों के जीवन के आधार हैं. सूर्य के साथ-साथ षष्‍ठी देवी...

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