Chhattisgarh

बिलासपुर रोड 45% अधूरी पर पहले ही दिन से अवैध वसूली शुरू, रियायती रसीद काटने से इन्कार।

राजधानी (hct)। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे का काम अब तक अधूरा है पर टोल-प्लाजा शुरू कर दिया है। रायपुर से सरगांव तक लगभग 75 किमी हिस्सा अधूरा है। जबकि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कह चुके कि इसे पूरा होने में एक साल लगेगा। पर एक निर्माण कंपनी ने बिलासपुर से 30 किमी पहले सड़क पर टोल नाका लगाकर शुक्रवार से वसूली शुरू कर दी। वसूली नेशनल हाईवे की रेट लिस्ट से की जा रही है। कार-जीप के 40 रुपए और बाकी वाहनों के 240 रुपए तक वसूले गए। जहां टोल नाका है उससे 20 किमी दायरे में ग्रामीणों से भी टोल पास के रूप में हर माह 265 रुपए का रेट तय किया गया। रायपुर से जाने वाले अधूरी सड़क पर करीब 75 किमी तक परेशानी उठाएंगे और टोल भी देंगे। इस मार्ग पर रोज करीब 1.55 लाख गाड़ियां आती-जाती हैं।

आज सुबह से यहां से निकलने वाले वाहनों ने जब दोनों तरफ के फेरों की रसीद कटानी चाही तो नाके पर मौजूद कर्मचारियों ने मना कर दिया और वजह बताई कि अभी सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है। इसमें 24 घंटे के भीतर दो फेरे होने पर करीब 50 प्रतिशत कम राशि लेने का प्रावधान किया गया है।

बिलासपुर और आसपास से सैकड़ों की संख्या में वाहन रोजाना रायपुर जाकर बिलासपुर लौट जाते हैं, इसी तरह सैकड़ों वाहन रायपुर से बिलासपुर आकर उसी दिन वापस लौट जाते हैं। इन सबसे दोनों तरफ की अलग-अलग वसूली की जा रही है। कार के अलावा बड़ी वाहनों को भी दोनों तरफ की रसीद एक साथ कटाने पर यह छूट मिलती है पर उन्हें भी एक ही तरफ की रसीद काटकर दी जा रही है। इस तरह पहले ही दिन लाखों रुपये की अधिक वसूली सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने का हवाला देकर कर लिया गया है और यह अभी भी चल रहा है। नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने इस गड़बड़ी को देखे बिना ही टोल नाका चालू करने की मंजूरी दे दी।

ज्ञात हो कि यह ठेका दिलीप बिल्डकॉन कंस्ट्रक्शन कम्पनी को मिला है। अब तक नेशनल हाइवे का काम पूरा नहीं हुआ है। जगह-जगह अब भी सड़क अधूरी होने के कारण डायवर्सन बने हुए हैं। कई स्थानों पर मार्किंग और संकेतक भी नहीं लगाये गये हैं। इसे लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई भी चल रही है। नेशनल हाइवे के अधिकारियों को इस देरी के लिए फटकार भी पड़ रही है। इन सबकी परवाह किये बगैर टोल-प्लाजा पर टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है।

Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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