Big bang : “बेनामी प्रॉपर्टी हस्तांतरण निरोधक दस्ता” द्वारा 100 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति जप्त।

लक्ष्मी देवांगन
पिथौरा

पिथौरा (hct)। भारत सरकार (ग्रामीण) के वित्त मंत्रालय बेनामी प्रापर्टी हस्तांतरण निरोधक दस्ता द्वारा छ.ग.प्रदेश के प्रमुख जमीन दलाल पिथौरा निवासी लक्ष्मी नारायण पि.जगन्नाथ अग्रवाल उर्फ ‘फुन्नू’के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए उसके 100 करोड़ से अधिक की बेनामी सम्पति को जब्त कर लिया है। राजसात करने की कार्यवाही को हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। ‘फुन्नू’ के गृह ग्राम बरेकेल खुर्द के मजदूर आदिवासी मानकी बाई तथा उसके पति तुलसीराम गोंड़ के नाम 300 एकड़ से अधिक की अदिवासी जमीन की खरीदी-बिक्री में रजिस्टर्ड दस्तावेज को जब्त कर कार्यवाही की गई है।

यहां बताना लाजिमी होगा कि मानकी बाई अंगूठा लगती है और तुलसीराम मात्र हस्ताक्षर करता है। दोनों ‘फुन्नू’ के घर के सामने कच्चे मकान में रहते हैं। गरीबी रेखा राशनकार्ड के अनुसार घर मे दोनों साथ रहते है। कोई संतान नही है। दोनों कोई जमींदार नही है, न ही इनके पास कोई पैतृक संपत्ति है, जो उंगलियों में गिनने लायक हो। वर्ष 2091 से लक्ष्मी नारायण उसके नाम से जमीन खरीदते बेचते आ रहा है। करोड़ों की उसके नाम की आदिवासी जमीन सीधे, दानपत्र तथा कलेक्टर मंजूरी के माध्यम से बेच चुका है। वर्तमान में उनके नाम बची जमीन को राजसात किया गया है। मानकी बाई ने अपने घर पर मुलाकात करने गये प्रतिनिधि से कहा – ‘फुन्नू’ हर माह 800 रु नगद और 1 कट्टा चावल खाने के लिये देता है। बस,अंगूठा लगवाते जाता है।

कलेक्टर जैन की जांच रिपोर्ट में लक्ष्मीनारायण की बेनामी संपत्ति

कलेक्टर महासमुंद सुनील जैन द्वारा शिकायतकर्ता एम हुसैन न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर के पत्र पर जांच कराई गई है। छै. सदस्यीय जांच टीम में शामिल पिथौरा के तत्कालीन एसडीएम बी. एक्का, तहसीलदार बनसिह नेताम, आरआई तुलाराम डिंडोर, पटवारी द्वय योगेंद्र रात्रे व भीमकुमार साहू तथा महासमुंद के उप पंजीयक वाय.मिश्रा की टीम की रिपोर्ट 01 मई 2018 ने 30 पृष्ठ की रिपोर्ट पेश की है। इस आधार पर पिथौरा थाने में एफआईआर के लिये प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मीनारायण अग्रवाल ने पटवारी बेंजामिन सिक्का के साथ मिलकर योजनाबद्ध ढंग से कूटरचना कर शासकीय व निजी भूमियों में हेरफेर कर लाभ प्राप्त करने के लिये भ्रष्टाचार किया है।

रिपोर्ट के अनुसार पिथौरा ख.न. 655 र. 3.12 हे, लहरौद के 18 ख.न.में कोटवारी एवं जंगल 237, 411, 439, 490, 614, 624, 626, 634, 635, 636, 692, 898, 917, 919, 935, 936, 940, 945, र.20 एकड़ में टिकेंद्र पिता गौतम प्रधान तथा जीवन पिता निर्मल तांडी दोनों ने बयान दिया है कि पत्नी व मां के नाम 27 तथा 10 डिसमिल भूमि मोहन अग्रवाल तथा लक्ष्मीनारायण अग्रवाल से खरीदा है, जो कोटवार घुरऊ (अब मृत) को मालगुजारों से मालिकाना हक से मिला था।

इसी तरह पिथौरा तहसील के अन्य ग्रामो के सड़क किनारे के बेस कीमती जमीनों के पीड़ित किसानों ने बयान दिया है। किसी ने कहा कलेक्टर मंजूरी में नही गये थे, जमीन के बारे में हम नही जानते, हमारे नाम से जमीन चढ़ाकर बिक्री कर रहा है, परंतु सभी का यह मानना है कि फुन्नू 420 है। 250 से अधिक ख.न. कि जांच लक्ष्मी नारायण के विरुद्ध की गई है

नोटबन्दी के समय कालाधन जांच रिपोर्ट में खुलासा

बैंक ऑफ बड़ौदा के पत्र क्र. 2018/19/21 दि. 21/07/2018 के अनुसार खाता न. 49710200000001 की जांच की गई है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित नोटबन्दी 8 नवम्बर 2016 की स्थिति में जांच विवरण है। लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, पत्नी सरस्वती अग्रवाल, दामाद विजय मित्तल, आदिवासी तुलसीराम गोंड़, पत्नी मानकी बाई, हरिजन लक्ष्मण घसिया, नरेंद्र राजपूत के खातों की जांच की गई है।पिथौरा स्थित स्टेट बैंक, देना बैंक, पंजाब नेशनल, केनरा, ग्रामीण बैंक, एचडीएफ़सी, को-ऑपरेटिव बैंक तथा ऋण सोसायटियों की बड़ी गहनता से वित्त मंत्रालय जांच कर रहा है, जिसमे अन्य के खिलाफ में कार्यवाही सुनिश्चित है।

कोटवारी, बड़े झाड़ जंगल जमीन पर करोडो का फोरलेन मुआवजा !

प्रथम जन चौपाल मुख्यमंत्री निवास में भूपेश बघेल द्वारा महासमुंद जिला में 1000 एकड़ से अधिक जमीन घोटाले की जांच के आदेश दिए गए हैं। भाजपा के शासनकाल में प्रदेशमन्त्री शंकर लाल पिता रामअवतार अग्रवाल ने अपने परिवार, राइस मिल के गरीब आदिवासी आपरेटर रमेश (अब मृत) के नाम ग्राम लहरौद, राजसेवैयाखुर्द, डोंगरिपाली, टेका में करोड़ों का घोटाला कर बेनामी संपत्ति फुन्नू के साथ मिलकर इकट्ठा की है, मेमरा, ब्लडीडीह, भोकलूडीह, लोहरकोट, सांकरा, पोटापरा, मुढ़ीपार, गड़बड़ा, जामपाली, कसीबहरा, ढांक, झलप, पटेवा, तुमगांव तक जमीनों की जांच की जा रही है। अरबों का मुआवजा लिया गया है। खासकर लहरौद के कोटवारी 838, जंगल624, 634, 636, 940, 952 में मुआवजा तथा अठारगुदी सड़क किनारे मुआवजा 287, 295, 154, 155, 156, 296 का रास्ता तैयार किया गया है। सभी जांच के दायरे में है।

1000 एकड़ में हाईकोर्ट से जमानत, सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस को शिकायत

पिथौरा तहसील में बड़े जमीन घोटाले में हाईकोर्ट में मुख्य आरोपियों की जमानत को लेकर भारत के शीर्ष कोर्ट को अवगत कराया गया है। किसी गरीब को 1 एकड़ में जमानत नहीं मिलती, परन्तु भू-माफियाओं को निचली और हाईकोर्ट से तुरंत जमानत पर मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया गया है। किसी मायावी देवदूत की तरह फरारी के बाद पुनः प्रगट होकर अभी तक जेल जाने से बचे लक्ष्मी नारायण के विरुद्ध 8-7-2019 के थाना रिपोर्ट के अनुसार आपराधिक गुंडा लिस्ट में दर्ज विवरण इस प्रकार है –

1. आर्थिक अपराध अन्वेषण रायपुर थाना अप. क्र. 50/2016 दि. 04/06/2016 धारा भ्र्ष्टाचार नि.अघि. 13(1)डी,13(2) पिलवापली में 480 एकड़ जंगल जमीन रजिस्ट्री, लागत 100 करोड़। हाईकोर्ट से सशर्त जमानत।

2. पिथौरा थाना अप.क्र.62/2017 धारा 420, 467 468 471 120बी। खेल ग्राउंड लहरौद जमीन न. 635 लागत 25 करोड़। हाईकोर्ट से सशर्त जमानत।

3. अप.क्र.92/2018 धारा 420,120बी। फोरलेन में 57 लाख मुआवजा। लहरौद में लक्ष्मण घसिया के नाम घोटाला जमीन न. 634,940/1। हाईकोर्ट से सशर्त जमानत।

4. अप.क्र.5211/2018 धारा 370 ,34 । मानव तस्करी। हाईकोर्ट से सशर्त जमानत। पुलिस द्वारा 164 में बयान कराकर खात्मा की तैयारी।

5. अप. क्र.08/2019 घारा 370,34 मानव तस्करी। इट भट्टा दलाली  20 वर्ष में 100 करोड़ कमाई। हाईकोर्ट से सशर्त जमानत। पुलिस द्वारा 164 में बयान कराकर खात्मा की तैयारी।

6. एम. हुसैन रिपोर्ट 2019, हाईकोर्ट से कार्यवाही में रोक।

7. अप.क्र.94/2005 धारा 341, 294, 506, 323 जान से मारपीट।

8. अप क्र 247/11 घारा 420, 467, 468, 471, 120 (बी) ठगी, धोखाधड़ी, लहरौद में कोटवारी जमीन न. 838 की रजिस्ट्री। पुलिस में खात्मा।

9. 247/2010 दि 04/09/2010 मेमरा की शास.पट्टा रजिस्ट्री 1228/2 व अन्य, 10 वर्ष में कार्यवाही नहीं।

10. दि. 22-1-2001 बरेकेल में फर्जी निवास प्रमाण पत्र, 18 वर्ष से कार्यवाही नहीं।

11. दि.15-9-2017 लहरौद में खेमिन बाई का फर्जी पट्टा न. 897।

12. अप.क्र.575 दि 20-4-1998 आदिवासी जमीन दान में बिक्री पिलवपली ख.न.765, 768 कुल 8 एकड़, पुलिस में खात्मा।

13. दि.20-8-2000 कमल के नाम फर्जी मंजूरी, मृतक उदेराम की गवाही, 10 वर्ष से कार्यवाही नहीं।

14. दि.20-8-2000 चंद्रभान के नाम फर्जी मंजूरी, मृतक उदेराम की गवाही, 10वर्ष से कायवाही नहीं।

15. महासमुंद थाना 247/12 धारा 419, 420, 467, 468, 471,120बी, कलेक्टर से फर्जी मंजूरी 70 प्रकरण। कोई कार्यवाही नहीं।

16. कलेक्टर हिमशिखर गुप्ता द्वारा अवैध इट निर्माण में जुर्माना 12 लाख 33 हजार ग्राम जांघोरा।

17. 100 से अधिक शिकायत,जांच व कार्यवाही के लिये अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत है।

हाइकोर्ट में इनकम टैक्स विभाग जीता। मानकी-गणेश की याचिका खारिज !

बिलासपुर हाइकोर्ट के न्यायाधीश पी. सेम कोसी ने बरेकेल खुर्द के आदिवासी मानकी बाई तथा उसके पति तुलसीराम गोंड़ की रिट.या.क्र. 3819/2019 फैसला दि 15/11/2019 के अनुसार दोनों ने आय का कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया, जिससे कोई आदेश बेनामी जब्ती के विरुद्ध जारी किया जा सके, जबकि आयकर विभाग ने दि 12/07/2019 में पारित एस.बी.सी.डब्ल्यू. 2915 /2019 निहारिका जैन वि. भारत सरकार तथा सुप्रीम कोर्ट में सिविल अपील क्र.4805/2019 दि. 09/05/2019 को प्रस्तुत कर कहा कि, उक्त दोनों आदिवासी ग्रामीण अंचल में रहते है; आय का कोई स्रोत नहीं है। इतनी बड़ी राशि की सम्पति गरीबी रेखा वाला कैसे हो सकता है ? ये सभी सम्पति लक्ष्मीनारायण अग्रवाल की है। आदिवासी की ओर से अधिवक्ता सरफराज खान, जबकि विभाग की ओर से अधिवक्ता नवसिंनहा आफरीन अली तथा अजय कुमरानी ने पैरवी की।

ज्ञात हो कि भारत सरकार के आयकर विभाग की नई दिल्ली तथा रायपुर शाखा के बेनामी प्रापर्टी निरोधक दस्ता के 31/07/2019 के जमीन जप्ती आदेश के खिलाफ अपने आदिवासियों की ओर से ‘फुन्नू’ ने रिट लगवाई गई थी, जो खारिज हो गयी है, जिससे सजा का खतरा बढ़ गया है। आयकर विभाग ने महासमुंद जिला के पटेवा, झलप, संकरा, बसना, बागबाहरा एवम पिथौरा, बरेकेलखुर्द, खुटेरी, डिघेपुर, लहरौद, अठारागुड़ी, नवापाराखुर्द, लक्मीपुर, राजसेवैयखुर्द, भोकलूडीह, बलडीडीह, लोहरकोट की रजिस्टर्ड संपत्ति जब्त कर राजसात कर लिया है। विभाग ने जिला कलेक्टर, एसपी, पिथौरा के एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार तथा सब- रजिस्ट्रार को जब्ती की सूचना देकर जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है। आगे बहुत बड़े स्तर पर कार्यवाही की जा रही है।

नया बेनामी संपत्ति कानून का प्रावधान। राजसात, 7 वर्ष सजा, 25 प्र.पेनाल्टी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने संसद में पुराने 1988 के बेनामी प्रोपर्टी हस्तांतरण निरोधक कानून को मजबूत बनाते हुवे 01 नवम्बर 2016 को आदेश पारित किया, जिसमें कोई धनपति अपने कालाघन को टैक्स चोरी कर आश्रित किसी नौकर, ड्राइवर या गरीब के नाम संपत्ति दर्ज करता है, तो वह बेनामी के अंतर्गत आयेगा।दोनों के विरुद्ध संपत्ति राजसात 03 से 07 वर्ष की सजा तथा जब्त संपत्ति का 25 प्रतिशत पेनाल्टी तीनों एक साथ कार्यवाही का प्रावधान है। अभी देश मे मजबूत कानून के तहत बड़े लोगों पर कार्यवाही चल रही है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट भी सख्त है। पिथौरा में इसी की शुरुआत आयकर विभाग के द्वारा की गई है, जिससे बेनामी मालिक तथा बेनामीदार दोनों के अलावा गलत काम करनेवालों में हड़कम्प है। हाल ही में पिथौरा पुलिस द्वारा पकड़े गये आनंद अग्रवाल, तेजराम दीवान और भावसिंग दीवान इसी बेनामी संपत्ति हस्तांतरण निरोधक कानून के पक्के गुनाहगार है।

न्यायालय, कलेक्टर, रजिस्ट्रार के सील लगे कोरे कागजों पर कार्यवाही नहीं !

पिथौरा (ग्रामीण )थाना मुख्यालय से मात्र 3 कि मी की दूरी पर स्थित बहुचर्चित ग्राम बरेकेल खुर्द में आबकारी सब-इंस्पेक्टर श्री अग्रवाल द्वारा लक्ष्मी नारायण अग्रवाल उर्फ फुन्नू के घर मे अवैध शराब भंडारण के खिलाफ छापा के पहले नदी किनारे उसके खेत के बोर के पास उच्च न्यायालय, कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, थानेदार, कोटवार, बैंक, रजिस्टार का सील लगा कोरा स्टाम्प पेपर तथा कागजात मिले। कुल 182 नग में 14 सही हालात में, 75 टुकड़े में तथा 92 नग टुकड़ा दुसरी झिल्ली में बंधे पड़े हुवे मिले। ग्राम के तत्कालीन सरपँच पुरुषोत्तम पिता नरसिंग गोंड़ ने एक कृषक उसतराम पटेल के साथ महासमुंद आकर कलेक्टर, एसपी को 24/12/2002 को लिखित में शिकायत सहित छापा कार्यवाही के लिये पूरे कथित दस्तावेज दीए, परन्तु आज तक कोई कार्यवाही नही की गई है। आनंद अग्रवाल पर की गई कार्यवाही से पहले यदि सरगना ‘फुन्नू’ पर कार्यवाही होती, और वो कई बार जेल की हवा खा चुके होता और सुधर गया होता। प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही होने से लोगों के साथ ठगी कर रुपया इकट्ठा करने की हवस ने उसे प्रदेश का मोस्ट वांटेड 420 बना दिया है। ‘अब की बार लक्ष्मीनारायण पार’ के पारी की घोषणा कर चुके जिला के तेजतर्रार पुलिस कप्तान जितेंद्र शुक्ल से पीड़ित जनता कार्यवाही की आस लगाये हुए है ताकि उसके गलत कार्य की उसे सजा मिल सके।

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