दीपक वर्मा, संवाददाता
जशपुर।
कुनकुरी (जशपुर)। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आधारकार्ड बनाने एवं आधारकार्ड में संशोधन के लिए कुनकुरी के फैजल इमरान द्वारा जनसामान्य से अतिरिक्त शुल्क लिए जाने तथा शासन के निर्देश के बावजूद भी अपने निजी शॉप में बैठकर आधारकार्ड बनाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे जारी यूजरआईडी एवं लाईसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश में कलेक्टर ने इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि “न्यू फैजल मोबाईल्स, बस स्टैण्ड, कुनकुरी” के संचालक फैजल इमरान को सीएससी के लिए जारी अनुमति को भी समाप्त कर दिया है। भविष्य में इनको किसी भी तरीके का शासकीय परियोजना से संबंधित कार्य नहीं दिया जा सकेगा।
ज्ञातव्य है कि शासन के निर्देशानुसार आधारकार्ड के पंजीयन एवं संशोधन की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप शासन द्वारा निर्धारित भवन जैसे तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत कार्यालय, नगरपलिका या नगरपंचायत भवन, ग्राम पंचायत भवन में ही किया जाना है। इसी शर्त के आधार पर किसी भी ऑपरेटर को यूजरआईडी एवं कार्य करने की अनुमति दी जाती है। कुनकुरी में फैजल इमरान को भी इसी शर्त के आधार पर अनुमति दी गई थी और उसे कुनकुरी नगरपंचायत कार्यालय में बैठकर इस काम को करना था, परंतु उसके द्वारा यह कार्य अपने निजी मोबाईल्स शॉप जो बस स्टैण्ड कुनकुरी में स्थित हैं, वहां किया जा रहा था। आधारकार्ड पंजीयन एवं संशोधन की प्रक्रिया में निर्धारित शुल्क से ज्यादा राशि हितग्राहियों से लिए जाने की शिकायत भी सूचना प्रोद्योगिकी विभाग एवं भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने अपने जांच पड़ताल में सही पाई थी। एसडीएम कुनकुरी ने भी इस मामले की जांच कर जिला प्रशासन को अपना प्रतिवेदन दिया था। जिसके आधार पर उसे जारी यूजरआईडी एवं आधारपंजीयन का लाईसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
एन के महादेव क्षीरसागर
कलेक्टर।

यूआईडीएआई एवं ई-गर्वनेंस करता है रेण्डम जांच

यहां यह उल्लेखनीय है कि आधारकार्ड पंजीयन एवं पूर्व में जारी आधारकार्ड के संशोधन के बारे में यूआईडीएआई एवं ई-गर्वनेंस नियमित रूप से निगरानी की जाती है। इसमें किसी भी तरह की अफरा-तफरी की गुंजाईश नहीं है। जितने लोगों को आधार कार्ड बनता है अथवा संशोधित होता है। उसमें से रेण्डम रूप से कुछ लोगां से यूआईडीएआई और ई-गर्वनेंस विभाग के अधिकारी उनके मोबाईल पर बातचीत कर उनसे लिए गए शुल्क एवं अन्य मामलों की जानकारी लगातार लेते रहते हैं। यदि कोई भी आधारकेन्द्र का संचालक द्वारा इसमें गड़बड़ी की जाती है तो आवेदक चर्चा के दौरान अधिकारियों को खुद ही बता देते हैं।

नया आधार कार्ड निःशुल्क

ई-गर्वनेंस एवं सूचना प्रोद्योगिकी विभाग के जिला प्रबंधक श्री नीलांकर बासु ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का नया आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शासन द्वारा पूर्णतः निःशुल्क रखी गई है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति को किसी ऑपरेटर एवं आधार केन्द्र किसी भी तरह की राशि देने की आवश्यकता नहीं है। पूर्व में जारी आधारकार्ड में नाम, पता, मोबाईल नंबर, जन्म तिथि यदि कोई सुधार करवाना हो तो इसके लिए 50 रुपए शुल्क निर्धारित है। आधारकार्ड का कलर प्रिंट लेने पर 30 रुपए का शुल्क देना होगा।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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