*हेमंत साहू
बालोद। भ्रष्टाचार के सबूत वार्ड क्रमांक 03 के धरसा रोड पर देखे जा सकते है। शुरू से लेकर आखरी छोर तक बीच से दो भागों में बुरी तरह से फटा हुआ सीमेंट कांक्रीट सड़क खुलेआम हुए खेल की पोल खोल रहा है। बनने के एक डेढ़ साल में ही न के बराबर आवागमन वाला सीमेंट कांक्रीट की सड़क का दम निकल गया है। मामले में जिला योजना समिति के सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, जल्द ही उच्चस्तरीय शिकायत कर निकाय के अधिकारी, जवाबदार इंजीनियर व निकाय को आर्थिक हानि पहुंचाने वाले ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, 32 लाख 84 हजार रुपये की लागत से बना धरसा रोड से रेल्वे रोड तक तकरीबन एक डेढ़ साल पूर्व बनाई गई सीमेंट कांक्रीट सड़क दम तोड़ चुकी है। इस सड़क का हुलिया देखकर यकीन ही नहीं होता कि ये सड़क एक डेढ़ साल पहले बनाई गई थी। न के बराबर आवागमन वाली यह सड़क शुरू से लेकर आखिर तक तो भागों में फट चुका है। सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, कम उम्र में दम तोड़ने वाली धरसा रोड की यह सड़क साबित करती है कि, मोटे कमीशन के फेर में गुणवत्ता और नियमों की किस कदर धज्जिया उड़ाई जाती है।
सितंबर माह 2016 में निकाली गई थी निविदा
32 लाख 84 हजार रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 03 में धरसा रोड से रेल्वे रोड तक सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण कार्य के लिए निविदा निकाली गई थी।
गुणवत्ता पर नही रखी नजर : कागजों में निर्माण का तकनीकी मापदंड उच्चतम क्वालिटी का रखा गया, लेकिन ठेकेदार से काम वैसा नहीं कराया गया। निकाय के इंजीनियरों के द्वारा काम की गुणवत्ता पर नजर नहीं रखी गई।
जिनकी जवाबदेही, उन्हें सरोकार नहीं : 32 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाली सीमेंट कांक्रीट सड़क एक डेढ़ साल में ही दो भागों में बट गई है और जिम्मेदार निकाय प्रशासन जिनकी जवाबदेही बनती है उन्हें कोई सरोकार नही।
न के बराबर आवागमन, फिर कैसे फट गई 32 लाख 84 हजार की सीमेंट सड़क : धरसा रोड पर उक्त सड़क का निर्माण कृषि कार्य के दौरान आवागमन के लिए बनाई गई थी। खेती किसानी के समय ही थोड़ा बहोत आवागमन होता इसके बाद इस सड़क पर न कोई आता है न कोई जाता है। आखरी छोर पर रेल की पटरी होने के कारण मार्ग बंद है।
सड़क की आयु होती है 25 साल, 5 साल में पड़ती है मरम्मत की जरूरत
जानकारी के मुताबिक सीमेंट कांक्रीट सड़को की आयु 25 वर्ष की होती है। आमतौर पर सीमेंट कांक्रीट सड़क 5 वर्ष तक नहीं टूटनी चाहिए। पांच वर्ष बाद ही मरम्मत की जरूरत पड़ती है।
ठेकेदार ने किया काम या पर्दे के पीछे अघोषित ठेकेदार ने दिया भ्र्ष्टाचार को अंजाम
उक्त काम मे ठेकेदार का बस नाम है, पर्दे के पीछे रहकर एक अघोषित ठेकेदार ने कुछ लोगो की मिलीभगत से भ्र्ष्टाचार को अंजाम दिया है।
शहर की जनता देखे, भ्र्ष्टाचार की सड़क : सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने शहर की जनता से अपील करते हुवे कहा है कि, शहर की जनता को देखना चाहिए कि उनकी मूलभूत सुविधाओं के लिए आने वाली विकास कार्यो की राशि से कैसे भ्र्ष्टाचार को अंजाम दिया जाता है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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