जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक में बर्खास्तगी का प्रस्ताव
किरीट ठक्कर
गरियाबंद। जिले की शिक्षा व्यवस्था किस कदर चरमराई हुई है, उपरोक्त शीर्षक से पाठकों को पता चल रहा होगा। अब इतने वर्षों बाद प्रशासन की आंख खुलना भी अपने आप मे बड़ा आश्चर्य है। अब जाकर इस शिक्षिका के विरुद्ध इस लंबी अनुपस्थिति के लिए स्पष्टीकरण पत्र जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक में आज शुक्रवार इस शिक्षिका के विरुद्ध बर्खास्तगी का प्रस्ताव पारित हुआ है।
विदित हो कि मैनपुर जनपद वैसे भी फर्जी शिक्षा कर्मी भर्ती को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चित रही है। इसी जनपद के भाटीगढ़ पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक पंचायत श्रीमती रुचि मिश्रा की स्कूल में वर्षो तलक अनुपस्थित लगातार चर्चा का विषय रही है, अब तक कोई कार्यवाही क्यों नही की जा रही थी, ये सवाल भी उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अभी इसी माह के पहले सप्ताह में जिला पंचायत कार्यलय द्वारा रुचि मिश्रा शिक्षक पंचायत वर्ग 2 को लंबी अनुपस्थिति के लिए कारण बताओ नोटिश जारी किया है। स्पष्टीकरण के लिए 3 दिवस का समय दिया गया था, उनका क्या जवाब आया ये पता नही चल सका है, किन्तु आज जिला पंचायत की सामान्य प्रशासनिक बैठक में श्रीमति रुचि मिश्रा के बर्खास्तगी के प्रस्ताव की जानकारी मिली है।
अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में जारी नोटिस के अनुसार, विभागीय जांच में श्रीमती रुचि मिश्रा मूल संस्था में 30/11/2010 से 9/10/2018 तक, लगभग सात वर्ष दस माह में, मात्र 25 दिन उपस्थित रही है। स्कूल के विद्यार्थियों के लिखित अभिकथन अनुसार रुचि मिश्रा ने विज्ञान विषय का अध्यापन कार्य कराया ही नही, सबसे बड़ी बात विद्यार्थी इन्हें पहचानते ही नही है।
सजगता से कराती रही संलग्नीकरण
अध्यक्ष एवं सदस्य शाला विकास समिति भाटीगढ़ द्वारा प्रतिवेदन में लेख है कि श्रीमती मिश्रा के द्वारा एक भी कक्षा का संचालन पूर्ण नही किया गया, तथा लगातार अनाधिकृत अनुपस्थिति रही है। इस प्रकार विभगीय जांच प्रतिवेदन के अनुसार आप मूल संस्था में लगभग सात वर्ष दस माह में केवल 25 दिन उपस्थित रही, शेष अवधि में सजगता से संलग्नीकरण कराया जाना पाया गया, किन्तु अध्यापन कार्य नही कराया गया।