फर्जी हस्ताक्षर से वसूली का आरोप, रमतरा पंचायत में जांच के बाद मामला गरमाया
जल जीवन मिशन और मकान टैक्स के नाम पर राशि वसूली का आरोप, पंचायत कोष में जमा नहीं होने की भी जांच में सामने आई बात
बालोद/गुरुर। जनपद पंचायत गुरुर अंतर्गत ग्राम पंचायत रमतरा में फर्जी हस्ताक्षर के जरिए कथित रूप से राशि वसूले जाने का मामला अब जांच के बाद गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि सरपंच के हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जल जीवन मिशन और मकान टैक्स के नाम पर ग्रामीणों से राशि वसूली गई। मामले की जांच जनपद पंचायत के अधिकारियों द्वारा की गई है।
सरपंच के हस्ताक्षर को लेकर उठे सवाल
जांच अधिकारियों सुरेश ठाकुर एवं रामू ठाकुर के अनुसार, जांच के दौरान ग्राम पंचायत रमतरा की सरपंच संतोषी निर्मलकर के कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। आरोप उपसरपंच त्रिलोक साहू पर लगाया गया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उपसरपंच द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि मामले में अंतिम स्थिति जांच प्रतिवेदन और सक्षम अधिकारी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
जल जीवन मिशन और मकान टैक्स के नाम पर वसूली
जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि जल जीवन मिशन तथा मकान टैक्स के नाम पर ग्रामीणों से राशि ली गई। सवाल यह है कि यदि पंचायत के नाम पर राशि वसूल की गई थी तो वह राशि पंचायत के अधिकृत खाते अथवा कोष में जमा क्यों नहीं हुई। यही बिंदु अब पूरे मामले को और गंभीर बना रहा है।
पहले भी वसूली की शिकायत सामने आने का दावा
जांच के दौरान ग्राम पंचायत सचिव मोहित साहू द्वारा इससे पहले भी उपसरपंच पर कथित रूप से अवैध राशि वसूलने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
यदि जांच में यह आरोप प्रमाणित होता है तो मामला केवल फर्जी हस्ताक्षर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत के नाम पर राशि वसूली और उसके हिसाब-किताब का सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।
पंचायत कोष में राशि जमा नहीं होने की बात
जांच अधिकारियों के अनुसार, वसूली गई राशि को अब तक पंचायत के कोष में जमा नहीं किए जाने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वसूली गई कुल राशि कितनी थी, किस-किस व्यक्ति से राशि ली गई और वह राशि वर्तमान में कहां है। इन सवालों का जवाब जांच प्रतिवेदन और संबंधित दस्तावेजों से सामने आना बाकी है।
18 अगस्त को पंचायत भवन में हुई जांच
गौरतलब है कि जनपद पंचायत गुरुर की ओर से जारी ज्ञापन के माध्यम से संबंधित पक्षों को 18 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे ग्राम पंचायत भवन रमतरा में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों और पक्षों की जानकारी के आधार पर जांच पूरी की है। अब जांच प्रतिवेदन जनपद पंचायत के उच्चाधिकारियों को सौंपे जाने की बात कही गई है।
अब कार्रवाई पर टिकी नजर
रमतरा पंचायत में सामने आया यह मामला फिलहाल आरोपों और जांच में सामने आई जानकारी के स्तर पर है। अंतिम रूप से कौन दोषी है और कितनी राशि की वसूली हुई, इसका निर्धारण सक्षम अधिकारी की कार्रवाई के बाद ही होगा।
फर्जी हस्ताक्षर, पंचायत के नाम पर कथित वसूली और पंचायत कोष में राशि जमा नहीं होने जैसे आरोपों ने पंचायत व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें जांच प्रतिवेदन और जनपद पंचायत के उच्चाधिकारियों द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
