Chhattisgarh Politics

22 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन करेगी किसान सभा।

वन भूमि से बेदखली, धान के 3150 रुपये समर्थन मूल्य और कृषि बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे किसान व आदिवासी

छत्तीसगढ़ किसान सभा
नूरानी चौक, राजातालाब, रायपुर, फोन : 2433838

छत्तीसगढ़ किसान सभा आंदोलन प्रदर्शन रायपुर
रायपुर में 22 जुलाई के देशव्यापी प्रदर्शन की रूपरेखा साझा करते किसान सभा के पदाधिकारी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान सभा, अखिल भारतीय किसान सभा, आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच और भूमि व वन अधिकार आंदोलन के साझा देशव्यापी आह्वान पर आदिवासी एकता महासभा छत्तीसगढ़ में भी वन भूमि से बेदखली, लाभकारी समर्थन मूल्य और केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र में सब्सिडी में कटौती के खिलाफ आंदोलन करेगी।
छत्तीसगढ़ किसान सभा आंदोलन : जारी एक बयान में छग किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने बताया कि वन भूमि से आदिवासियों को बेदखल करने के स्थगित आदेश पर 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। इससे पहले 22 जुलाई को पूरे देश मे किसान और आदिवासी संगठन मिलकर विरोध दिवस मनाएंगे और शीर्षस्थ अदालत का ध्यान आदिवासियों के साथ किये जा रहे ऐतिहासिक अन्याय की ओर खीचेंगे, क्योंकि बेदखली के आदेश पर अमल से छत्तीसगढ़ में 25 लाख और पूरे देश में दो कतोड़ आदिवासियों को वन भूमि से विस्थापित होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आज जहां-जहां आदिवासी हैं, केवल वहीं पर जैव-विविधता और पर्यावरण सुरक्षित है। यह केवल कॉर्पोरेट विकास का मॉडल है, जो आदिवासियों को वन, वन्य प्राणियों और पर्यावरण का दुश्मन बताता है। इस दिन वनों में रहने वाले लोग घोषणा करेंगे कि जंगल उनके हैं और वे इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।
छत्तीसगढ़ किसान सभा आंदोलन मे नेताओं ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा उद्योग लगाने के नाम पर हजारों किसानों की हजारों एकड़ भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। आज तक इस भूमि पर उद्योग लगे नहीं और भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार यह भूमि किसानों को लौटाई जानी चाहिए। लेकिन अब कांग्रेस सरकार भी इससे इंकार कर रही है। छत्तीसगढ़ में आंदोलन का यह भी एक मुद्दा होगा।
उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग के सी-2 फार्मूले के अनुसार मोदी सरकार द्वारा खरीफ फसलों के घोषित समर्थन मूल्य वास्तविक लागत मूल्य से भी काफी नीच हैं। किसान सभा ने धान का लाभकारी समर्थन मूल्य 3150 रुपये प्रति क्विंटल देने की मांग की है। इसी प्रकार, केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट में कृषि क्षेत्र और मनरेगा में जो कटौती की गई है और पैट्रोल-डीजल की कीमतों को बढाया गया है, उससे चौतरफा महंगाई में वृद्धि होगी और गांव, गरीब और किसानों का जीवन दूभर हो जाएगा।आंदोलन के माध्यम से इस किसानविरोधी बजट का भी विरोध किया जाएगा।

*संजय पराते, अध्यक्ष,
(मो) 094242-31650
*ऋषि गुप्ता, महासचिव,
(मो) 094062-21661

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