अपने ही मुवक्किल पर वकील की हत्या का आरोप
कोटा थाना क्षेत्र की वारदात में अधिवक्ता निखिल गोस्वामी की मौत, पत्नी से कथित संबंध के शक में आरोपी की तलाश तेज।

बिलासपुर hct : वकील हत्या कांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। कोटा थाना क्षेत्र में एक युवा अधिवक्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके ही मुवक्किल को मुख्य आरोपी माना है। प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना के पीछे पत्नी को लेकर उपजा संदेह वजह माना जा रहा है।
जिले के कोटा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक युवा अधिवक्ता, जो कथित तौर पर एक आपराधिक प्रकरण में आरोपी की पैरवी कर रहा था, उसी व्यक्ति के हमले का शिकार हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी को अपनी पत्नी और वकील के बीच संबंध होने का शक था, जिसके चलते उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
मृतक की पहचान 27 वर्षीय निखिल गोस्वामी के रूप में हुई है। निखिल पेशे से अधिवक्ता होने के साथ-साथ जिम का संचालन भी करता था और बाउंसर के रूप में भी कार्यरत था। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी 28 वर्षीय भोला मानिकपुरी बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बिलासपुर वकील हत्या कांड : चौंकाने वाली कहानी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार शाम निखिल अपने एक परिचित के साथ किसी काम से निकला था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले उसकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वह कुछ पल के लिए असहाय हो गया। इसी मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी ने पास में पड़े एक भारी पत्थर से उसके सिर पर लगातार वार किए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार हमला इतना निर्मम था कि निखिल गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।
घायल अधिवक्ता को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर किया गया। लेकिन मंगला चौक स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बिलासपुर वकील हत्या कांड में मुवक्किल पर आरोप
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि मृतक अधिवक्ता कथित तौर पर आरोपी भोला मानिकपुरी के ही एक प्रकरण की पैरवी कर रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इसी दौरान आरोपी को अपनी पत्नी और निखिल के बीच नजदीकियों का संदेह हो गया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस संबंध में अभी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
इसे भी पढ़ें >> 35 – 40% वकीलों की डिग्रियां फर्जी
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी संदेह और रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। कोटा थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, वहीं मृतक के परिजनों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
एक अधिवक्ता की इस तरह की निर्मम हत्या ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि संदेह और अविश्वास की आग किस तरह एक व्यक्ति को हिंसा की उस हद तक ले जा सकती है, जहां रिश्ते, भरोसा और कानून—सब कुछ खून से रंग जाता है।


