जिला पंचायत समान्य सभा की बैठक।
तीन दिनो में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश।

*किरीट ठक्कर।

गरियाबंद। जिला पंचायत समान्य सभा की बैठक में आज बिरीघाट में मनरेगा के तहत् पौधारोपण की जांच को लेकर कई सवाल उठे। जिला पंचायत अध्यक्षा डाॅ. श्वेता शर्मा ने इस मामले में हार्टिकल्चर विभाग के उपस्थित अधिकारी से कई सवाल किये।
उन्होने पूछा कि आखिर छत्तीसगढ के इस जिले में किन्हें ऐप्पल बेर के पौधा रोपण का प्रशिक्षण दिया गया, उन्होने सवाल खडे किये कि जिस कार्य के बारे में अभी यहा के लोग जानते ही नही वो कार्य मनरेगा के तहत् यहा के मजदूरो से कैसे करवाया गया।
श्वेता शर्मा ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार ऐप्पल बेर प्लांटेशन कार्य के लिये गुजराती मजदूरो को लाया गया था, उन्होने कहा कि क्या छ.ग. में संचालित मनरेगा कार्य दूसरे प्रदेशो के मजदूरो के लिये संचालित किये जाते है। श्वेता शर्मा के अनुसार आखिर नरेगा से ऐप्पल बेर के ही पौधे लगाने का मकसद क्या था, ग्राम सभा की सहमती ली गई थी या नही ? अब इन पोैधो कि सुरक्षा कौन करेगा। श्वेता शर्मा के अतिरिक्त सभापति पन्नालाल धु्रव एवं नीरज ठाकुर ने भी बिरीघाट में फलदार पौधे लगाने के नाम पर किये गये व्यापक भ्रष्टाचार के शीघ्र जांच की मांग की। जिला पंचायत के सदस्यो के अनुसार किसी भी मामले में जांच में विलंब से संदेह उत्पन्न होता है। जिस पर जिला पंचायत सी.ई.ओ. आर.के. खुटे ने तीन दिनो के भीतर इस मामले में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जांच अधिकारीयों को दिये है।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत मृत राजकीय पशु वन भैसे श्यामु की मौत को लेकर भी पन्नालाल धु्रव ने सवाल उठाये, उन्होने कहा कि चार -चार दिनो तक विभाग के अधिकारीयो कर्मचारियो को वन भैसे की मौत की जानकारी न होना, उनकी निष्क्रियता को दर्शता है। पशुपालन विभाग से डेयरी फार्मिंग के लिये प्राप्त अनुदान के संबंध में भी पुछताछ की गई, सभापति पन्नालाल धु्रव के अनुसार पशुपालको की शिकायत है कि लागलपेट देखकर अधिकारी पशुपालको को अनुदान दे रहे है। उन्होने कहा की शीघ्र ही सभी पशुपालको को अनुदान मिल जाना चाहिये। पन्नालाल ने कहा कि आवारा पशुओ से किसानो आम नागरीको को परेशानियो का सामना करना पड रहा है इस मामले में विभाग शीघ्र ही कोई योजना बनाये। समान्य सभा कि बैठक में अगस्त 2018 कि बैठक की कार्यवाही विवरण का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विभिन्न शासकीय विभागो की समीक्षा प्रस्तुत कि गई, इनमें से लोक निर्माण विभाग तथा वन विभाग का पालन प्रतिवेदन प्राप्त नही हुआ है।

बिरीघाट पौधारोपण के नाम पर करोडो का हेर-फेर

ग्राम पंचायत बिरीघाट में मनरेगा के तहत् फलदार पौधा रोपण का मामला लगातार सुर्खियो मे है, इस मामले में पुर्व जिला पंचायत सी.ई.ओ. विनीत नंदनवार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हेै। योजना पर करीब 1 करोड 19 लाख रू खर्च होना बताया जा रहा है , योजना के अनुसार 20 हजार पौधे लगाये जाने थे जिसमें से 12 हजार पौधे ही लगाये जाने की जानकारी मिली है बिना किसी सिंचाई सुविधा व सुरक्षा के रोपित किये गये इन पोेैधो में से हजारो पौधे सुखकर मर गये है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियो के अनुसार पंचायत के अधिकारो का हनन कर अधिकारी व उसके सप्लायर लाखो रूपये हजम कर रफुचक्कर हो गये है।

जांच कमेटी गठित

बिरीघाट पौधा रोपण घपला मिडिया की सुर्खियो में आने के बाद कलेक्टर श्याम धावडे ने इस मामले में जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम में जिला पंचायत केे परियोजना अधिकारी ए. आर सिदार, आरईएस के ईई आर.एस नेताम, सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता पी.के आनंद, उद्यानिकी संचालक मेश्राम के अतिरिक्त मैनपुर जनपद कार्यक्रम अधिकारी रामकुमार कुंजाम शामिल है। इस जाच टीम की जांच कार्यवाही को लेकर भी सवाल खडे किये जा रहे है जिला पंचायत के सदस्य जांच में हो रही देरी से नाराज चल रहे है, डाॅ श्वेता शर्मा के अनुसार जांच में विलंब होने से अनेक संदहो को बल मिलता है, परियोजना अधिकारी सिदार के अनुसार सभी अधिकारी एक मत होकर कोई निश्चित समय तय नही कर पा रहे है, जिसकी वजह से जांच में देर हो रही है। विदित हो कि इस मामले में मनरेगा लोकपाल ने भी ग्राम पंचायत बिरीघाट से जवाब तलब किया है।

By Dinesh Soni

जून 2006 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मेरे आवेदन के आधार पर समाचार पत्र "हाइवे क्राइम टाईम" के नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का शीर्षक आबंटित हुआ जिसे कालेज के सहपाठी एवं मुँहबोले छोटे भाई; अधिवक्ता (सह पत्रकार) भरत सोनी के सानिध्य में अपनी कलम में धार लाने की प्रयास में सफलता की ओर प्रयासरत रहा। अनेक कठिनाइयों के दौर से गुजरते हुए; सन 2012 में "राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा" और सन 2015 में "स्व. किशोरी मोहन त्रिपाठी स्मृति (रायगढ़) की ओर से सक्रिय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किए जाने के बाद, सन 2016 में "लोक स्वातंत्र्य संगठन (पीयूसीएल) की तरफ से निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान से नवाजा जाना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्यजनक रहा।

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