नीलगिरी के ठूंठ बने रोड़ा, 560 फलदार पौधों का वृक्षारोपण अटका
भेजामैदानी में वृक्षारोपण कार्य अटका, 560 पौधों के लिए खोदे गए गड्ढों पर भी विवाद; शिकायत के बाद एसडीएम ने सीमांकन के निर्देश दिए।

गुरूर (बालोद)। ग्राम पंचायत भेजामैदानी में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत स्वीकृत वृक्षारोपण कार्य अब जमीन और पुराने पेड़ों के ठूंठ के बीच उलझता नजर आ रहा है। जिस स्थान पर पुराने नीलगिरी के पेड़ों को हटाकर फलदार पौधे लगाए जाने थे, वहां नीलगिरी के ठूंठ और उनकी जड़ें अब भी मौजूद हैं। कुछ ठूंठों से नई शाखाएं निकलने लगी हैं, जिससे प्रस्तावित वृक्षारोपण कार्य की प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।
पुरानी जड़ें नहीं हटीं, फलदार पौधों का इंतजार

ग्रामीणों के अनुसार, पुराने नीलगिरी के पेड़ों की जड़ों और ठूंठों को पूरी तरह हटाकर जमीन को फलदार पौधों के लिए तैयार किया जाना था। लेकिन मौके पर अभी भी जड़ें और ठूंठ दिखाई दे रहे हैं। इसके कारण निर्धारित स्थान पर फलदार पौधों का रोपण शुरू नहीं हो सका है। इसी को लेकर ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं होने से योजना का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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560 पौधों के लिए गड्ढे, रास्ते को लेकर विवाद
दूसरी ओर घास जमीन पर प्रस्तावित वृक्षारोपण के लिए करीब 560 पौधे लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके लिए बड़ी संख्या में गड्ढे भी खोदे गए हैं। हालांकि, गड्ढों की खुदाई को लेकर एक परिवार ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया गया है कि गड्ढों की खुदाई के कारण आने-जाने के मुख्य रास्ते को लेकर परेशानी की स्थिति बन रही है। जमीन की स्थिति और रास्ते को लेकर सामने आए विवाद ने वृक्षारोपण कार्य को और पेचीदा कर दिया है।
महिला समूह ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर की शिकायत
विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत स्वीकृत वृक्षारोपण कार्य में आ रही समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर संगवारी महिला स्वसहायता समूह, भेजामैदानी की सदस्याएं भी गुरूर एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। समूह ने मांग की कि पुराने नीलगिरी के ठूंठ और जड़ों की समस्या दूर करने के साथ जमीन तथा रास्ते से जुड़े विवाद का भी निराकरण किया जाए, ताकि स्वीकृत कार्य में अनावश्यक रुकावट न आए और निर्धारित स्थान पर फलदार पौधों का रोपण जल्द कराया जा सके।
समूह की अध्यक्ष पुष्पा साहू, सचिव दुजवाई साहू सहित हलेश्वरी साहू, टिकेश्वरी, कांति बाई साहू, पूर्णिमा साहू, वंदना साहू, सुकृति साहू, खिलेश्वरी, रामेश्वरी, टुकेश्वरी साहू, अंजू मंडावी, दूज बाई सहित अन्य सदस्य शिकायत लेकर तहसील कार्यालय पहुंचीं।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचीं एसडीएम
मामले की शिकायत मिलने के बाद गुरूर की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्राची ठाकुर मौके पर पहुंचीं और स्थल की स्थिति का जायजा लिया। बताया गया है कि उन्होंने संबंधित पटवारी को जमीन का सीमांकन कर विवाद अथवा आ रही समस्या का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। अब सीमांकन की रिपोर्ट और मौके की स्थिति के आधार पर यह स्पष्ट होना है कि प्रस्तावित वृक्षारोपण के लिए निर्धारित भूमि और रास्ते को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है।
सीमांकन के बाद साफ होगी जमीन की स्थिति
एसडीएम के निर्देश के बाद अब सीमांकन की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। सीमांकन से यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित वृक्षारोपण के लिए निर्धारित भूमि की वास्तविक स्थिति क्या है और गड्ढों की खुदाई को लेकर उठाई गई आपत्ति का आधार क्या है। इसके बाद ही करीब 560 फलदार पौधों के वृक्षारोपण कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकेगा।



