उरमाल : स्कूल भवन निर्माण पर सवाल, सरपंच से ठेकेदार की बहस
करीब 8 लाख की लागत से बन रहे अतिरिक्त कक्ष में तकनीकी खामियों का आरोप; स्लैब ढलाई के दौरान सामने आई अनियमितताएं, आरईएस ने जांच और भुगतान रोकने का प्रतिवेदन देने की बात कही

गरियाबंद। उरमाल ग्राम पंचायत में प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष भवन का निर्माण सवालों के घेरे में आ गया है। समग्र शिक्षा मद से करीब 8 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में तकनीकी मापदंडों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगे हैं। शुक्रवार को स्लैब ढलाई के दौरान निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। मामला तब और बढ़ गया, जब निर्माण कार्य में हस्तक्षेप करने पहुंचे सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों को कथित तौर पर निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि ने ही रौब दिखाना शुरू कर दिया।
स्लैब ढलाई के बीच पहुंचा पंचायत का अमला

निर्माण कार्य में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर ग्राम सरपंच खगेश्वर ध्रुव पंचायत पदाधिकारियों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। उस समय अतिरिक्त कक्ष की छत की ढलाई की तैयारी चल रही थी।

मौके पर निर्माण की स्थिति देखने के बाद सरपंच ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के तकनीकी अमले को इसकी सूचना दी। हालांकि, मैनपुर मुख्यालय से तकनीकी सहायक के पहुंचने तक निर्माण एजेंसी करीब 80 प्रतिशत स्लैब की ढलाई पूरी कर चुकी थी। ऐसे में निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति और तकनीकी खामियों को लेकर मौके पर ही सवाल उठने लगे।
बीम, स्लैब और सेंट्रिंग में मिली खामियां

सूचना पर पहुंचे आरईएस के तकनीकी सहायक तामेश्वर साहू ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उनके प्रारंभिक परीक्षण में बीम, स्लैब, सरिया बांधने और सेंट्रिंग से संबंधित कई तकनीकी खामियां सामने आने की बात कही गई है। तकनीकी सहायक के मुताबिक निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बीम का निर्माण नहीं किया गया। जहां 9 सेंटीमीटर का प्रावधान बताया गया, वहां 20 सेंटीमीटर तक निर्माण किए जाने की बात सामने आई। इसी तरह स्लैब में निर्धारित 4 सेंटीमीटर की ढलान नहीं मिली और सरियों की बंधाई भी तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। सेंट्रिंग व्यवस्था पर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं।
काम रोकने के निर्देश पर भी नहीं थमी ढलाई

तकनीकी खामियां सामने आने के बाद निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा गया, लेकिन आरोप है कि साइट इंचार्ज ने इस निर्देश को गंभीरता से नहीं लिया। पंचायत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कथित तौर पर दबंगतापूर्ण व्यवहार भी किया गया।
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मौके पर उपयंत्री द्वारा पंचनामा तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। तकनीकी सहायक तामेश्वर साहू ने बताया कि निर्माण संबंधी खामियों से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की जांच कराई जाएगी तथा अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित निर्माण एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाने के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
सरपंच का आरोप, ठेकेदार ने दिखाई दबंगई
सरपंच खगेश्वर ध्रुव के मुताबिक निर्माण में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने निर्माण एजेंसी यूनाइटेड ट्रेड्स के प्रोपराइटर सफदर हुसैन से फोन पर बात की थी। सरपंच का आरोप है कि ठेकेदार ने गलती स्वीकार कर सुधार की पहल करने के बजाय पंचायत प्रतिनिधियों को ही अपने काम में हस्तक्षेप नहीं करने की नसीहत दी। कथित तौर पर ठेकेदार ने कहा कि उन्हें पंचायतों में कामकाज के तौर-तरीकों की अच्छी जानकारी है और उन्हें अपनी मर्जी से काम करने दिया जाए। निर्माण में जो भी होगा, उसे अधिकारी देख लेंगे। सरपंच के अनुसार, ठेकेदार ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्माण कार्य में दखल देने की जरूरत नहीं होने की बात भी कही।
करीब 8 लाख रुपये की लागत वाले शासकीय शाला भवन निर्माण में सामने आई इन आपत्तियों के बाद अब निगाहें आरईएस के तकनीकी प्रतिवेदन, सामग्री परीक्षण और उच्च अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।



