Chhattisgarh

रायपुर : शराब दुकानों में फिर शुरू हुआ ओवररेटिंग और मिलावट का काला खेल?

आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल, कई दुकानों के नाम चर्चा में

रायपुर hct : रायपुर शराब दुकान ओवररेटिंग को लेकर एक बार फिर गंभीर शिकायतें सामने आने लगी हैं। राजधानी रायपुर की कई सरकारी शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा वसूली, कथित मिलावट और अंदरखाने सेटिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों और नए अधिकारियों के अनुभवहीन सिस्टम का फायदा उठाकर कुछ शातिर हेरफेर के धंधे में फिर सक्रिय हो गए हैं।

सरकारी शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा रकम वसूली, शराब में कथित मिलावट और अंदरखाने चल रही सेटिंग की चर्चाओं ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली को कटघरे में ला दिया है। जिन दुकानों के नाम सामने आ रहे हैं, वहां ग्राहकों की शिकायतें लंबे समय से सुनाई देती रही हैं, लेकिन कार्रवाई हर बार खानापूर्ति तक सिमट जाती है।

सूत्रों के मुताबिक रायपुर जिले की कई शराब दुकानों में ओवररेटिंग का खेल चुपचाप दोबारा एक्टिव किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी से जुड़े कुछ सुपरवाइजर कर्मचारियों पर दबाव बनाकर तय रेट से ज्यादा वसूली करवाने की तैयारी कर रहे हैं। कई कर्मचारियों ने ऑफ रिकॉर्ड यह तक कहा कि “ऊपर” से टारगेट दिया जाता है और पूरा हिसाब सेटिंग के साथ चलता है।

इनोसोर्सेज कंपनी और हेमंत वैष्णव का नाम चर्चा में

इस पूरे मामले में इनोसोर्सेज कंपनी से जुड़े हेमंत वैष्णव का नाम तेजी से चर्चा में है। अंदरूनी सूत्र दावा कर रहे हैं कि संबंधित व्यक्ति पहले भी अलग-अलग कंपनियों में विवादों से घिर चुका है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि पूर्व में AtoZ, All Service Global, Rajdeep और BIS जैसी कंपनियों में कार्यकाल के दौरान ओवररेटिंग, पानी मिलाने और वित्तीय गड़बड़ियों जैसी शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शराब दुकानों के कर्मचारियों के बीच यह चर्चा खुलकर चल रही है।

कई शराब दुकानों में ओवररेटिंग

रायपुर शराब दुकान मिलावट मामलाजानकारी के अनुसार रायपुर जिले के भाठागांव, भाठागांव बस स्टैंड, टाटीबंध, सरोना, पिरदा, तिल्दा-नेवरा, टंडवा, अभनपुर, कादर चौक, सद्दू, उरला, कुर्रा मांढर और मेटल पार्क क्षेत्र की दुकानों में कथित तौर पर लंबे समय से खेल जारी है। कुछ दुकानों में ग्राहकों को MRP से ज्यादा दाम पर शराब बेचे जाने की शिकायतें लगातार आती रही हैं। कई जगह बिल देने से बचने और कैश में अतिरिक्त रकम लेने की भी चर्चा है।

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शराब दुकानों के बाहर रोजाना होने वाली बहसें और विवाद किसी से छिपे नहीं हैं। ग्राहक जब ज्यादा कीमत पर सवाल उठाते हैं तो उन्हें या तो बहाना देकर टाल दिया जाता है या फिर “ऊपर से रेट बढ़ा है” कहकर मामला शांत करने की कोशिश होती है। दिलचस्प यह है कि इतनी शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग की कार्रवाई जमीन पर दिखाई नहीं देती।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि कुछ दुकानों में शराब की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर संदेह जताया जा रहा है। आरोप है कि शराब में पानी मिलाकर बोतलों की संख्या बढ़ाने का खेल चल रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला सिर्फ ओवररेटिंग तक सीमित नहीं बल्कि सीधे जनता के स्वास्थ्य और सरकारी राजस्व से जुड़ जाता है।

आबकारी विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल

आबकारी विभाग की भूमिका को लेकर भी बाजार में चर्चाएं तेज हैं। कर्मचारी स्तर पर यह धारणा बन चुकी है कि बिना संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर खेल संभव नहीं। यही वजह है कि कई लोग विभागीय अधिकारियों और दुकान संचालकों के बीच सांठगांठ की आशंका जता रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

शराब दुकानों में चल रहे इस कथित खेल ने सरकार की पारदर्शिता वाली छवि को भी चोट पहुंचाई है। एक तरफ सरकार राजस्व बढ़ाने का दावा करती है, दूसरी तरफ सरकारी दुकानों से ही उपभोक्ताओं को चूना लगाए जाने की बातें सामने आ रही हैं। आम ग्राहक मजबूरी में अतिरिक्त पैसे देकर शराब खरीद रहा है, क्योंकि अधिकांश जगहों पर विरोध करने पर बहस और विवाद का माहौल बना दिया जाता है।

समाचार पत्र समूह हाइवे क्राइम टाइम द्वारा इस मुद्दे को लेकर जनमत संग्रह किया गया जिसमे शहर के कई सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जिन दुकानों के नाम सामने आ रहे हैं वहां अचानक छापेमारी, स्टॉक जांच और बिक्री रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। साथ ही जिन कर्मचारियों और अधिकारियों पर आरोप लग रहे हैं, उनकी भूमिका भी सार्वजनिक की जाए ताकि असल तस्वीर सामने आ सके।

फिलहाल रायपुर की शराब दुकानों को लेकर उठी यह चर्चा शराब बाजार से निकलकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में यदि जांच होती है तो कई बड़े नाम और बड़े खेल सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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