ChhattisgarhCrime
सीआरपीएफ के वाहन में मिले अवैध सागौन के गोले..!
वन विभाग ने की कार्यवाही
गरियाबंद। एक तरफ पूरा देश पुलवामा में हुए हमले से दुखी है और जगह जगह शहीद हुये जवानो को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है, तो वही दूसरी ओर नक्सल मोर्चे पर तैनात सी.आर.पी.एफ. के अधिकारी कीमती सागौन लकड़ी की तस्करी अपने सरकारी वाहन से करवा रहे है।
रविवार प्रात: बारुका के फारेस्ट नाके पर वन परिक्षेत्राधिकारी गरियाबंद की टीम द्वारा एक बडी कार्यवाही करते सीआरपीएफ के वाहन को पकडा जिसमें आठ नग सागौन के गोले लादकर निकासी की जा रही थी ! जानकारी के अनुसार जप्त लकडी करीब सवा घन मीटर हैं, जिसकी कीमत एक लाख रुपये तक हो सकती है।
सीआरपीएफ वाहन में सवार पकड़े गए कर्मचारी फोर्स के निचले पायदान के कर्मचारी है। किंतु सवाल यह उठता है कि क्या इनकी इतनी जुर्रत है की कैम्प से इतना बड़ा गोला इतन बडेे पैमाने पर लाद सके, वो भी बगैर कैम्प के अधिकारी की जानकारी के ? जानकारी ये भी मिली है की इसे रायपुर स्थित धनोद कैम्प में खाली करने ले जाया जा रहा था। यहां दूसरा सवाल यह कि 3 कर्मचारी बंदूक से लैस ट्रक पर केवल थोड़ा सा कबाड़ लिए 150 किलोमीटर जंगल से होते हुए जा रहे थे। आखिर किसके समान को ठिकाने लगाने ? किसने और क्यों अनुमति दी। ट्रक में लकड़ियों के लठठो के अलावा कोई बेशक़ीमती चीज नही थी, जिसकी सुरक्षा में बंधुकधारी जवानों की आवश्यकता होती, इन लट्ठों में ए, बी ,सी ,डी मार्किंग की गई थी ट्रक में टेंट के समान के साथ फ़टे हुये कनॉत, कुछ बिजली के इन्वर्टर सहित थोड़ा सा कबाड़ लकड़ियों को ढकने के लिए भरा गया था।
बताया ये भी जा रहा है की वन विभाग की कार्यवाही वाहन चालक व एक अन्य सहयोगी पर की गई है, वाहन में सवार अन्य बंदुकधारी जवानों पर कार्रवाई नही की जा रही उन्हे छुट्टी पर जा रहे थे बताया जा रहा है, छुट्टी पर बंदुक लेकर जाना समझ से परे है, एक बात निश्चित है की बडे अधिकारी इस कार्यवाही से अछूते ही रह जायेगे जबकि सभी बराबर के हकदार है। नाम ना छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि समान तो अधिकारी का है जैसा आदेश होता है करना पड़ता है।
ज्ञात हो कि काफी अर्से से सुरक्षा बलों के वाहन में लकड़ी की अवैध तस्करी की शिकायत मिल रही थी, जिसके चलते वन विभाग इन दिनों सघन जांच अभियान में जुटा हुआ है जिसका परिणाम है कि यह वाहन वन विभाग के हत्थे चढ़ा गया। जिसकी सूचना मुखबिर के माध्यम से बीते रात वन विभाग को मिली थी।
इस सूचना के आधार पर वन विभाग के कर्मचारी सुबह 3 बजे से फारेस्ट नाका में इसकी निगरानी में लगे हुए थे, इसी दौरान वाहन नाका से गुजरी तब विभागीय अधिकारी कर्मचारी तत्काल सतर्क हुए, बारुका नाका में जांच के दौरान उक्त सी आर पी एफ़ के ट्रक में 8 नग सागौन का लठ्ठा जिसकी कीमत एक लाख रुपये के लगभग बताई जा रही है उसको ट्रक के साथ जप्त कर कार्यवाही करते हुए पी ओ आर क्रमांक 6867 /25 कायम करते हुए विवेचना किया जा रहा है । दबी जुबान में वन विभाग के अफसरों ने बताया कि कैम्प में कई ऐसे गोले और हो सकते है।

वन विभाग ने की कार्यवाही
रविवार प्रात: बारुका के फारेस्ट नाके पर वन परिक्षेत्राधिकारी गरियाबंद की टीम द्वारा एक बडी कार्यवाही करते सीआरपीएफ के वाहन को पकडा जिसमें आठ नग सागौन के गोले लादकर निकासी की जा रही थी ! जानकारी के अनुसार जप्त लकडी करीब सवा घन मीटर हैं, जिसकी कीमत एक लाख रुपये तक हो सकती है।
बताया ये भी जा रहा है की वन विभाग की कार्यवाही वाहन चालक व एक अन्य सहयोगी पर की गई है, वाहन में सवार अन्य बंदुकधारी जवानों पर कार्रवाई नही की जा रही उन्हे छुट्टी पर जा रहे थे बताया जा रहा है, छुट्टी पर बंदुक लेकर जाना समझ से परे है, एक बात निश्चित है की बडे अधिकारी इस कार्यवाही से अछूते ही रह जायेगे जबकि सभी बराबर के हकदार है। नाम ना छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि समान तो अधिकारी का है जैसा आदेश होता है करना पड़ता है।