रायपुर। बस्तर में आई.जी के पद पर पदस्थ रह चके एक आताताई पुलिस अधिकारी शिवराम प्रसाद कल्लूरी, जिनकी नापाक करतूतों की वजह से विशेषकर बस्तर क्षेत्र के निर्दोष आदिवासियों की हत्या, पत्रकारों के साथ अत्याचार एवं समाजसेवकों तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को प्रताडित किये जाने को लेकर देशभर में छत्तीसगढ़ राज्य की छवि धूमिल हुई थी, जिसके चलते 15 साल से निष्कंटक सत्तारूढ़ भाजपा को फजीहत झेलनी पड़ी।
बेहद दबाव का सामना करते अपने इस चहेते पुलिस अधिकारी को पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बस्तर से हटाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ कर दिया था, को न जाने वर्तमान मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल सरकार ने किस सलाहकार अथवा “कांटा से कांटा निकालने” की जुगत में आईजी कल्लूरी को महत्वपूर्ण स्थान में पदस्थ कर दिया है !
सरकार द्वारा लिए इस अनुचित निर्णय के विरोध में वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला ने सोशल मीडिया के मार्फ़त राज्य सरकार तक यह सन्देश पहुंचा दिया है कि वे (कमल शुक्ला) 22 जनवरी से “आमरण अनशन” पर बैठेंगे।
इस निर्णय को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 14 -15 जनवरी को, पत्रकार कमल शुक्ला जी के
रायपुर प्रवास के दौरान उनसे मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य को देखते हुए…
कमल शुक्ला के रायपुर प्रवास के दौरान मान-मनौव्वल का दौर।
मैं दिनेश सोनी अपने साथी पत्रकार गोपाल पाठक के साथ उन्हें “आमरण अनशन” की हठ छोड़ने का मान-मनव्वल किया, काफी मशक्कत उपरान्त अंततः हमारी बातों का सम्मान करते हुए आत्ममंथन कर काफी सोंच-विचार के पश्चात अंततः यह निर्णय सुनाया कि हमारी भावनाओं का सम्मान रखते हुए वे “आमरण अनशन” नहीं, पर “अनशन” करेंगे। उनके इस निर्णय का सम्मान करते हुए मैं दिनेश सोनी उनका आभार व्यक्त कर समस्त पत्रकार साथियों की ओर से उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ और उनके विरोध प्रदर्शन में हाईवे क्राइम टाईम परिवार समेत पूर्ण सहयोग की घोषणा करता हूँ |
चूंकि वे आज पुनः प्रवास पर निकल चुके हैं, के कारण मैंने उनके द्वारा लिए गए “अनशन” निर्णय का ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल, कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर व अनुविभागीय दंडाधिकारी, रायपुर को सौंपने का जिम्मा ग्रहण किया है।