डौडीं लोहारा नगर का बड़ा मामला …जिले के मंत्री महिला बाल विकास विभाग के गढ़ में महिला व बच्चों को किचड़ व गंदगी पार कर आना होता है : लोहारा
भरी गंदगी को रोजाना पार कर बच्चों के दिमाग पर होती है बदबूदार विकृति..!
*हेमंत साहू
बालोद। छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री महिला बाल विकास विभाग के गृह ग्राम से महज 800 मीटर की दूरी ग्राम भेड़ी के ग्रामीण जन व्यवस्थाओं को लेकर प्रताड़ित व ग्रामीण जनों में काफी आक्रोश जानकारी में बता दे कि, ग्राम भेड़ी छोटा सा ग्राम पर यहां जो युवाओं में कई कलाओं में महारथ हासिल है व डौडीं लोहारा की अर्थव्यवस्था में इनकी मेहनत व यहां के रोजी मजदूरी करने वाले श्रमिकों की बहुत कुछ निर्भर है व यही से लोगों को हरी सब्जियां व दूर दूर से देवी देवताओं की मूर्तियां के लिए लोग साल भर आते है। कुम्हारों की कारीगर यहां की मिसाल है; क्योंकि दल्ली-राजहरा लौह नगरी, खनिज नगरी में जहां 1980 में एक लाख दस हजार की जनसंख्या थी उस जगह में यही ग्राम भेड़ी का कुम्हार भागवत जिसके कला की डंका बजती थी।
राजहरा के आसपास गांव से लेकर बस्तर तक इस कलाकार की कला छटा व खुशबु बिखेरती थी व इनके हाथों में वह जादू था कि देवी दुर्गा की मूर्ति में चेहरे में चमक व सजीवता लोगों को बरबस खीचती थी।
दल्ली-राजहरा के दशहरा में इस कलाकार के हाथों से बनाया गया रावण की 25 फीट की विशाल आकार बच्चों को खुब रिझाती थी। भागवत जैसा कुम्हार दुर्ग जिला में बेहतरीन कला से जाना पहचाना नाम था व यही ग्राम के कलाकार कारगिल युद्ध के बेहतरीन रूप को उस समय पुतलों से बनाकर सजीव रूप दिया था; पर प्रशासन की निष्क्रियता कहे या जनप्रतिनिधीयों की कुम्भकर्णीय नींद कि भेड़ी से बच्चे, युवा महिलाओं को इस दूरी में बहने वाली गंदी नाली व बदबू से भरे कीचड़ से पार कर आना होता है। सालभर आपको गंदी पानी व कीचड़ बहते दिखेगें। यह बहुत ही दुःखद विषय है कि, यहां से पढ़ाई के लिए आने वाले सभी बच्चे को कितनी समस्याओं का सामना करना पडता है ये सहज ही अंदाजा लगा सकते है। इसी गंदगी के बाजू में पूर्व विधायक का बंगला है जिनका परिवार दस वर्ष यहां राज किया पर उनके कांन में भी जूं तक नही रेंगी ! इन ग्रामीणों ने हर बार अपनी समस्या को बताया पर किसी जनप्रतिनिधी ने सुध नही ली। इसी ग्राम में ऐसे बुद्धिजीवी व प्रोपेशनल बाते कहने वाले; बोलबाला व्यक्ति के रहते क्यों ग्राम के ग्रामवासी इस समस्या से ग्रसित है यह सबसे बड़ा त्रासदी कहा जाए या दुर्भाग्य डौडीं लोहारा नगर के देवी देवताओं में यही शीतला तालाब पुरानी मान्यताओं में है व नगर का शीतला माता है जहां से नगर का व किसानों व बैगाओं की मंदिर व तालाब है पर यही शीतला माता मंदिर में नगर के अपशिष्ट पदार्थ, मलमुत्र व गंदा पानी इसी तालाब में जा रहा है। इस रोड पर बहता गंदे पानी से भेड़ी के सभी ग्रामवासी त्रस्त हैं। रोजाना इस मार्ग से बड़गांव, खरथुली, पार्री-भाटा रहवासी व अन्य ग्राम के ग्रामीणों को रास्ता आसान लगता है वे लंबी दूरी से बच जाते है पर जनप्रतिनिधीयों की सुस्त रवैये व अनदेखी के कारण ग्राम भेडी के सभी ग्रामीण जनों को भारी परेशानी व समस्या से गुजरना पड़ता है बीते दिनों यहां के टिचर गणों के दुख को उसकी आंखों में आसानी से पढ़ा जा सकता था।