भाठागांव : पार्षद और उसके भाई द्वारा अवैध प्लॉटिंग का खेला (III)
केसरी बगीचा के पास खसरा नंबर 1360/1 सहित कई भूखंडों पर कथित प्लॉटिंग की शिकायत पहुँची उच्च स्तर तक ...

रायपुर hct : भाठागांव अवैध प्लॉटिंग (Bhatagaon AvaiDh Plotting) मामले ने एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश सोनी ने इस कथित प्लॉटिंग गतिविधि को लेकर महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री, राजस्व मंत्री तथा कलेक्टर रायपुर सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम जोन क्रमांक 6 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 61 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के पार्षद रवि सोनकर और उसके भाई लखन सोनकर के नाम से भाठागांव क्षेत्र में कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग और प्लॉट बुकिंग से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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bhatagaon-avaidh-plotting और शंकरा विहार कार्रवाई
दरअसल भाठागांव क्षेत्र इससे पहले भी अवैध प्लॉटिंग के आरोपों के कारण सुर्खियों में रह चुका है। कुछ समय पहले “शंकरा विहार” नाम से विकसित की जा रही एक कथित कॉलोनी पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी। बताया गया था कि लगभग 6 से 7 एकड़ भूमि पर बिना अनुमति प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची थी। कार्रवाई के दौरान वहां बनाए गए रोड और रास्तों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया था। उस समय अधिकारियों ने इसे अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कदम बताते हुए आगे भी ऐसे मामलों पर निगरानी बनाए रखने की बात कही थी, जिससे क्षेत्र में यह संदेश गया कि बिना अनुमति कॉलोनियों के विकास पर प्रशासन सख्ती बरत रहा है।
केसरी बगीचा, भाठागांव अवैध प्लॉटिंग
इसी पृष्ठभूमि में अब भाठागांव के केसरी बगीचा के आसपास सामने आई नई शिकायत ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत में कहा गया है कि कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय की ओर जाने वाले काठाडीह मुख्य मार्ग के पास स्थित भूमि के आसपास प्लॉटिंग से जुड़ी गतिविधियों की चर्चा स्थानीय स्तर पर हो रही है।

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सूत्रों के अनुसार जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर प्लॉट बुकिंग जैसी गतिविधियों की जानकारी भी सामने आ रही है। हालांकि इन गतिविधियों के लिए संबंधित विभागों से वैधानिक अनुमति ली गई है या नहीं, यह स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। यही कारण है कि शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
खसरा नंबरों के साथ bhatagaon-avaidh-plotting का मामला
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामला केवल खसरा नंबर 1360/1 की लगभग 1.0160 हेक्टेयर भूमि तक सीमित नहीं बताया जा रहा। आवेदन के अनुसार इसी खसरा नंबर से जुड़े उपभाग 1366/1 और 1367/3 के कुल 1.2060 हेक्टेयर भू-भाग का भी इस पूरे मामले में उल्लेख सामने आया है। 
यदि इन जमीनों पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉटिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि हालिया बुलडोजर कार्रवाई के बाद भी उसी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां कैसे जारी हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भूमि और जमीन के उपयोग को लेकर प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
bhatagaon-avaidh-plotting पर कार्रवाई होगी या नहीं
उल्लेखनीय है कि शंकरा विहार मामले में हुई कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया था और नियमों के विरुद्ध विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ सख्ती बरतने की बात कही थी। ऐसे में अब उसी इलाके के आसपास प्लॉटिंग बुकिंग से जुड़ी नई शिकायत सामने आने से स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर तब, जब प्रशासन पहले ही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश दे चुका है। अब निगाह इस बात पर टिक गई है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं और भाठागांव क्षेत्र में चल रही कथित प्लॉटिंग गतिविधियों की वास्तविक स्थिति क्या निकलकर सामने आती है।
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