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पश्चिम बंगाल: नंदीग्राम में भगवान श्रीराम की मूर्ति का सिर गायब

राम नवमी से पहले पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम में प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने से हलचल, विपक्ष ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

नंदीग्राम में मूर्ति से छेड़छाड़

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच नंदीग्राम श्रीराम मूर्ति सिर गायब होने की घटना ने स्थानीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में राम नवमी से पहले स्थापित की जा रही भगवान श्रीराम की मूर्ति क्षतिग्रस्त मिली। सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर क्षतिग्रस्त प्रतिमा पर पड़ी तो मामला सामने आया और इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस घटना ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मामले की जांच की जा रही है।

नंदीग्राम श्रीराम मूर्ति सिर गायब पश्चिम बंगालघटना के सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी घटनाएं समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार नंदीग्राम श्रीराम की मूर्ति से सिर गायब होने की यह घटना वेटुरिया बस स्टैंड के पास के क्षेत्र में हुई है। अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को अधिक सतर्कता दिखानी होगी।

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नंदीग्राम श्रीराम मूर्ति सिर मामले में राजनीतिक बयानबाज़ी

घटना के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर भी शुरू हो गया है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इसे अलग-अलग नजरिये से देखा और अपने राजनीतिक तर्क सामने रखे। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से बार-बार यह अपील की जा रही है कि लोग किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर भरोसा न करें। चुनावी माहौल और धार्मिक पर्व की नजदीकी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन स्थिति को संवेदनशील मानते हुए निगरानी बनाए हुए हैं।

नंदीग्राम श्रीराम मूर्ति सिर मामले पर विपक्ष के सवाल

नंदीग्राम श्रीराम की मूर्ति से सिर गायब होने की इस घटनाक्रम पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा के प्रदेश नेता सुकांता मजूमदार ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सभी दलों और समर्थकों को संयमित व्यवहार करना चाहिए ताकि किसी भी तरह का सामाजिक तनाव न बढ़े। मजूमदार ने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला जनता ही करती है और चुनाव में मतदाता ही राजनीतिक दावों का जवाब देते हैं।

संवेदनशील माहौल में संयम की जरूरत

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यह सीट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही थी और अब 2026 के चुनाव से पहले भी यह क्षेत्र सुर्खियों में है। ऐसे समय में श्रीराम की मूर्ति से सिर गायब होने की घटना राजनीतिक विमर्श को जरूर प्रभावित कर रही है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह से दूर रहें। चुनावी माहौल और धार्मिक पर्व के करीब होने के कारण प्रशासन का फोकस फिलहाल यही है कि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बनी रहे और किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति पैदा न होने पाए।

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