विधानसभा में उठे सवाल पर सोशल मीडिया पोस्ट का विवाद
विधायक संगीता सिन्हा की शिकायत पर दुर्गानंद साहू को नोटिस, जवाब में लगाए पलटवार के आरोप

बालोद (गुरुर) hct : संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेषाधिकार हनन तक पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा की शिकायत पर विधानसभा सचिवालय ने गुरूर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू से जवाब मांगा है। वहीं, साहू ने अपने जवाब में विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए मामले को व्यक्तिगत एवं राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।
विवाद की शुरुआत 13 जुलाई 2026 को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न से जुड़ी है। विधायक संगीता सिन्हा के अनुसार उन्होंने प्रश्न क्रमांक 03 के माध्यम से क्षेत्र में अतिक्रमण से संबंधित मुद्दा उठाया था। विधायक का आरोप है कि उसी रात दुर्गानंद साहू ने सोशल मीडिया एवं व्हाट्सऐप के विभिन्न समूहों में वीडियो पोस्ट कर उनके विरुद्ध अनर्गल, अभद्र एवं तथ्यहीन टिप्पणियां कीं। शिकायत के साथ संबंधित वीडियो की पेन ड्राइव भी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी गई।
विधायक ने 14 जुलाई 2026 के पत्र क्रमांक 413/2026 के माध्यम से इसे विधानसभा सदस्य के विशेषाधिकार तथा विधायिका की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए साहू के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर विधानसभा सचिवालय ने 11 अगस्त 2026 को पत्र क्रमांक 376/छ.ग.वि.स./विशेषा-05/2026 जारी कर दुर्गानंद साहू से 20 अगस्त तक लिखित स्पष्टीकरण मांगा। सचिवालय के पत्र में कहा गया कि उनके विरुद्ध विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन की सूचना प्रस्तुत की गई है।
साहू ने अपने प्रत्युत्तर में आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने विधायक के विरुद्ध कोई अनर्गल, अभद्र अथवा मानहानिकारक वीडियो पोस्ट नहीं किया। उन्होंने विधायक के साथ अपने पुराने वैचारिक मतभेद और कथित व्यक्तिगत दुर्भावना का भी उल्लेख किया। जवाब में उन्होंने उलटे क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा और शराब कारोबार को संरक्षण मिलने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को साहू के कथन के रूप में देखा जाना चाहिए; दस्तावेजों में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र निष्कर्ष दर्ज नहीं है।
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विवाद का दूसरा महत्वपूर्ण सिरा ग्राम बोड़रा की शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण से जुड़ा है। तहसीलदार गुरूर के समक्ष दर्ज प्रकरण क्रमांक 202608240300048 में दुर्गानंद साहू ने खसरा नंबर 280, 463, 279 आदि की शासकीय भूमि पर कथित अवैध निर्माण एवं दुकानों से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हल्का पटवारी का पंचनामा सहित प्रतिवेदन प्रकरण में प्रस्तुत हो चुका है और 16 सितंबर 2026 को सुनवाई निर्धारित थी।
इस तरह एक ओर अतिक्रमण का राजस्व विवाद है, तो दूसरी ओर उसी घटनाक्रम से जुड़ी सोशल मीडिया टिप्पणियों ने विधानसभा के विशेषाधिकार का सवाल खड़ा कर दिया है। अब इस पूरे प्रकरण में विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर होने वाली कार्रवाई और राजस्व प्रकरण की स्थिति दोनों महत्वपूर्ण होंगी।


