सूरजपुर में कानून को चुनौती, पुलिसकर्मियों की पिटाई का वीडियो वायरल
सूरजपुर के प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद उग्र भीड़ ने डायल 112 टीम पर किया हमला, वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी।

112 पर हमला मामले ने सूरजपुर जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। प्रतापपुर थाना क्षेत्र में डायल 112 की टीम पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक पुलिसकर्मियों और वाहन चालक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सूरजपुर hct : प्रतापपुर थाना क्षेत्र में डायल 112 की टीम पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक पुलिसकर्मियों और वाहन चालक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद सूरजपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस बीच घटना ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है।
सड़क हादसे के बाद भड़का ग्रामीणों का आक्रोश
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात प्रतापपुर थाना क्षेत्र के सेमरसोत मार्ग पर एक ट्रक और मोटरसाइकिल के बीच भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। मृतकों के प्रति आक्रोश और दुख का माहौल देखते ही देखते उग्र रूप लेता गया। स्थिति इस हद तक बिगड़ गई कि गुस्साए लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को आग के हवाले कर दिया। हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे तो पुलिस को सूचना दी गई।
112 पर हमला : मौके पर पहुंची टीम बनी निशाना
सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने तथा हालात सामान्य बनाने का प्रयास करने लगी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिसकर्मियों और डायल 112 के कर्मचारियों के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। वायरल वीडियो में कुछ युवक वर्दीधारियों को घेरकर धक्का-मुक्की करते, लात-घूंसों से हमला करते और पत्थर चलाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की पुष्टि पुलिस जांच का विषय है, लेकिन दृश्य इतने स्पष्ट हैं कि घटना ने आम लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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112 पर हमला : पुलिसकर्मियों से मारपीट
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस डायल 112 सेवा को आपातकालीन सहायता का सबसे त्वरित माध्यम माना जाता है, उसी सेवा में तैनात कर्मचारी और पुलिसकर्मी भीड़ के निशाने पर आ गए। आमतौर पर संकट की घड़ी में नागरिक इसी व्यवस्था से मदद की अपेक्षा रखते हैं, लेकिन जब सहायता पहुंचाने वाली टीम ही हिंसा का शिकार बनने लगे तो सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियां और अधिक गंभीर दिखाई देती हैं। यह घटना केवल एक आपराधिक प्रकरण भर नहीं, बल्कि भीड़ के बढ़ते दुस्साहस और कानून के प्रति घटते भय पर भी चर्चा की मांग करती है।
आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन ने कहा है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने यह प्रश्न भी खड़ा कर दिया है कि यदि घटनास्थल पर व्यवस्था संभालने पहुंची पुलिस टीम पर ही हमला हो जाए तो आम नागरिकों के मन में सुरक्षा को लेकर किस प्रकार का संदेश जाता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


