शिक्षक जितेंद्र पारधी की बहाली की मांग, कोपरा स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी
निलंबन से पढ़ाई प्रभावित होने का दावा, शाला प्रबंधन समिति ने संयुक्त संचालक शिक्षा को सौंपा ज्ञापन; पूर्व प्रधानपाठक से जुड़े मामले में भी निष्पक्ष जांच की मांग

कोपरा (गरियाबंद) hct : शासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा के शिक्षक जितेंद्र कुमार पारधी के निलंबन को समाप्त कर पुनः विद्यालय में पदस्थ करने की मांग उठी है। इस संबंध में शाला प्रबंधन समिति ने संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर को ज्ञापन सौंपकर निलंबन प्रकरण की समीक्षा करने की मांग की है।

समिति ने कहा है कि शिक्षक के निलंबन से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मांग पूरी नहीं होने पर विद्यालय में तालाबंदी किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
समिति के अनुसार, विद्यालय पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। लंबे प्रयासों के बाद अंग्रेजी विषय के शिक्षक की पदस्थापना हुई थी, लेकिन जितेंद्र पारधी के निलंबन के बाद विद्यालय में मात्र दो शिक्षक शेष रह गए हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, विशेषकर अंग्रेजी विषय का अध्यापन प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पारधी नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित होकर अध्यापन कराते थे तथा विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामीणों के साथ उनका व्यवहार भी अच्छा था।
पूर्व प्रधानपाठक से जुड़े मामले में कार्रवाई पर सवाल
शाला प्रबंधन समिति ने अपने ज्ञापन में विद्यालय के तत्कालीन प्रधानपाठक धर्मेंद्र सिंह ठाकुर से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया है। समिति का आरोप है कि उनके कार्यकाल में छात्राओं के साथ अनुचित स्पर्श और मारपीट से संबंधित शिकायतें सामने आई थीं, जिनकी चर्चा मीडिया में भी हुई थी। समिति ने सवाल उठाया है कि इन शिकायतों के बावजूद उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उन्हें अन्य विद्यालय में व्यवस्था के तहत पदस्थ किया गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों की कमी के बीच एक शिक्षिका का युक्तियुक्तकरण के तहत देवभोग स्थानांतरण कर दिया गया।
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समिति ने इस पूरे प्रकरण में अब तक हुई विभागीय कार्रवाई की समीक्षा और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अस्पताल जाने के बाद देर से पहुंचने पर कार्रवाई का आरोप
जितेंद्र पारधी के निलंबन को लेकर समिति ने ज्ञापन में बताया है कि जितेंद्र पारधी की पत्नी के स्वास्थ्य नासाज होने के चलते आकस्मिक उन्हें अस्पताल जाना पड़ा था, जिसके चलते वे विद्यालय देर से पहुंचे। बावजूद इसके जितेंद्र पारधी जी का पगार कटौती कर उन्हें मानसिक परेशानी दी गई तथा उन्हें माफी मांगने तथा स्पष्टीकरण के लिए मजबूर किया गया और तब भी खटास नहीं मिटी तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। समिति का आरोप है कि इसके बावजूद पहले उनका वेतन काटा गया और बाद में निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। समिति ने दोनों मामलों में विभागीय कार्रवाई के मापदंडों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता, समानता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप निर्णय लेने की मांग की है।
बहाली की अनदेखी पर स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी
ज्ञापन के माध्यम से समिति ने शिक्षक जितेंद्र कुमार पारधी के निलंबन प्रकरण की उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुनः समीक्षा करने, निलंबन समाप्त कर उन्हें सेवा में बहाल करने तथा शासकीय नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा में ही पुनः पदस्थ करने की मांग रखी है। साथ ही पूर्व प्रधानपाठक से संबंधित शिकायतों की पारदर्शी जांच कराने की मांग भी की गई है। समिति ने स्पष्ट किया है कि शिक्षक की वापसी नहीं होने की स्थिति में विद्यालय में तालाबंदी की जा सकती है, जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।


