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एनएच-30 पर एसपी का ‘सेफ्टी ऑपरेशन’, 22 किमी सड़क पर खुद उतरीं किरण चव्हाण

छह लोगों की मौत के बाद सक्रिय हुआ पुलिस प्रशासन, ब्लैक स्पॉट से खतरनाक मोड़ों तक पहुंचीं एसपी; संकेतक, स्टॉपर और मरकाटोला घाटी में सोलर लैंप लगाने के निर्देश

बालोद / गुरूर। एनएच-30 पर हाल में हुए दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने अब मैदानी स्तर पर पड़ताल शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बालोद पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण 29 सितंबर को खुद एनएच-30 पर उतरीं और थाना पुरूर क्षेत्र में करीब 22 किलोमीटर सड़क का निरीक्षण किया। एसपी ने दुर्घटना संभावित स्थानों और पूर्व में हादसे वाले ब्लैक स्पॉट पर पहुंचकर सड़क की स्थिति, मोड़ों, दृश्यता और दुर्घटनाओं की संभावित वजहों को मौके पर परखा।

छह मौतों के बाद सड़क सुरक्षा पर फोकस

एनएच-30 के इस हिस्से में हालिया हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। छह लोगों की मौत के बाद सड़क की सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटना संभावित स्थानों को लेकर सवाल उठे। इसके बाद एसपी का यह मैदानी निरीक्षण केवल औपचारिक सड़क जायजा न रहकर उन स्थानों की पहचान और सुरक्षा उपायों पर केंद्रित रहा, जहां पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं या जहां सड़क की बनावट और दृश्यता हादसे का जोखिम बढ़ा सकती है।

घाटी, मोड़ और चौक—हर खतरनाक प्वाइंट पर पहुंचीं एसपी

निरीक्षण के दौरान मरकाटोला घाटी, राजाराव पठार, जगतरा टोल प्लाजा, बालोदगहन मोड़, ग्राम पुरूर का दुर्गावती चौक, ग्राम चिटौद में हनुमान मंदिर के पास, चिटौद हाउसिंग बोर्ड मोड़ और ज्योति कुंज (पुट्टू) ढाबा सहित कई दुर्घटना संभावित स्थानों का मौके पर निरीक्षण किया गया।एनएच-30 पर एसपी किरण चव्हाण का सड़क सुरक्षा निरीक्षण

इन स्थानों पर सड़क की स्थिति, मोड़ की संरचना, वाहन चालकों को मिलने वाली दृश्यता और पूर्व में हुई दुर्घटनाओं से जुड़े संभावित कारणों को देखा गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को मौके की परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए।

संकेतक और स्टॉपर लगाने के निर्देश

एनएच-30 पर एसपी किरण चव्हाण का सड़क सुरक्षा निरीक्षण
बालोद जिले में एनएच-30 के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करतीं एसपी किरण गंगाराम चव्हाण।

दुर्घटना संभावित स्थानों पर वाहन चालकों को पहले से सतर्क करने के लिए सांकेतिक चिन्ह, स्टॉपर और अन्य सड़क सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां अचानक मोड़ या सड़क की स्थिति के कारण वाहन चालकों को खतरा हो सकता है, वहां सुरक्षा संकेतकों की व्यवस्था पर जोर दिया गया।

मरकाटोला घाटी में रात की दृश्यता पर जोर

एनएच-30 पर एसपी किरण चव्हाण का सड़क सुरक्षा निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान मरकाटोला घाटी में रात के समय दृश्यता को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया। यहां सोलर लैंप लगाने का सुझाव दिया गया है, ताकि रात में वाहन चालकों को सड़क और आसपास की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे सके।

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घाटी जैसे हिस्सों में रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने की स्थिति में मोड़ और सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना वाहन चालकों के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में प्रकाश व्यवस्था को सड़क सुरक्षा के उपायों से जोड़कर देखा गया है।

नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई,
वाहन चालकों से सतर्कता की अपील

निरीक्षण के दौरान मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान एसडीओपी गुरूर माया शर्मा, थाना प्रभारी पुरूर जन्मेजय पाण्डेय, यातायात प्रभारी नवीन बोरकर, एसडीओ (एनएचएआई) एस.के. द्विवेदी और सब इंजीनियर राकेश नेताम मौजूद रहे।

Balod pratinidhi
अमीत मंडावी संवाददाता
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