दीपावली मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती से मस्तूरी क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान, सप्तमी की रात भी अंधेरे का साया
मस्तूरी, खैरा और जयराम नगर के लोगों की बढ़ी मुश्किलें छह घंटे की घोषित कटौती के बाद भी बिजली व्यवस्था पर सवाल; विद्युत विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

बिलासपुर hct Desk : -दीपावली पूर्व मेंटेनेंस और आवश्यक रखरखाव के नाम पर मस्तूरी क्षेत्र में की जा रही बिजली कटौती अब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मस्तूरी, खैरा और जयराम नगर सहित आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली बंद रखने की सूचना दी जाती है, लेकिन
मेंटेनेंस के नाम पर 6 घंटे तक बिजली बाधित

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हो पाती। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर उपभोक्ताओं को कितनी देर तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
विद्युत विभाग के मस्तूरी फीडर से जारी सूचना के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को दीपावली पूर्व मेंटेनेंस एवं आवश्यक रखरखाव के लिए 33 केवी मस्तूरी फीडर को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रखने की जानकारी दी गई थी। सूचना में यह भी कहा गया था कि मस्तूरी और खैरा उपकेंद्र से संचालित गांवों की विद्युत व्यवस्था प्रभावित रहेगी तथा आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन किया जा सकता है।
छह घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति पर सवाल
उपभोक्ताओं का कहना है कि छह घंटे की घोषित कटौती के बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच शाम करीब चार बजे विद्युत विभाग के एक ग्रुप में 33 केवी सिलपहारी लाइन में ब्रेकडाउन होने और बिजली आने में समय लगने की सूचना साझा की गई। इससे उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। लोगों का सवाल है कि यदि मेंटेनेंस के बाद भी लाइन में बार-बार समस्या आ रही है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और स्थायी समाधान कब किया जाएगा?
सप्तमी पर देवी पंडालों में अंधेरे का असर
नवरात्र की सप्तमी पर श्रद्धालु देवी दुर्गा के पंडालों में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे समय में बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरे की स्थिति बनना श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण है। लोगों का कहना है कि त्योहार के दौरान विद्युत विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि धार्मिक आयोजनों और आम जनजीवन पर अनावश्यक असर न पड़े।
विद्युत विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल
मस्तूरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के मस्तूरी स्थित जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों और बिलासपुर में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि एसी कार्यालयों में बैठकर व्यवस्था की निगरानी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को ग्रामीण उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए। केवल बिजली बंद करने की सूचना जारी करना और बाद में ब्रेकडाउन का हवाला देना पर्याप्त नहीं है। विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रखरखाव का कार्य समय पर पूरा हो और खराबी आने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए।
त्योहार में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग
क्षेत्रवासियों ने विद्युत मंडल के मस्तूरी एवं बिलासपुर के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि बिजली कटौती और बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों की समीक्षा की जाए। साथ ही, दीपावली और नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उपभोक्ताओं का कहना है कि मेंटेनेंस आवश्यक है, लेकिन उसके नाम पर निर्धारित समय से अधिक परेशानी झेलना और समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलना उचित नहीं है।


