Chhattisgarh

बस्तर बाढ़ में वायुसेना का रेस्क्यू, महिला-बच्चे समेत 6 सुरक्षित

इंद्रावती नदी के उफान से घिरे ग्रामीणों को वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से निकाला; आधे घंटे चले जोखिम भरे अभियान में बचाई गईं दो महिलाएं और एक मासूम की जान

इंद्रावती नदी का उफान और गांवों में दहशत

रायपुर hct : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी इलाकों से बहकर आने वाले पानी ने इंद्रावती नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक पहुँचा दिया। इस उफान ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और लोगों के घरों तक पानी घुसने लगा। हालात ऐसे बने कि ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने का समय भी नहीं मिला।

अचानक फंसे छह ग्रामीण, मदद की पुकार

मंगलवार की सुबह बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा और एक गांव के छह लोग अलग-थलग पड़ गए। चारों तरफ तेज बहाव था और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। इनमें दो महिलाएं और एक मासूम बच्चा भी शामिल थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई और तत्काल जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना से सहयोग मांगा।

भारतीय वायुसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन

जैसे ही सूचना भारतीय वायुसेना तक पहुँची, कुछ ही देर में हेलीकॉप्टर को बस्तर के बाढ़ग्रस्त इलाके की ओर रवाना किया गया। बचाव दल ने पानी से घिरे उस हिस्से की पहचान की, जहाँ लोग एक ऊंचे टीले पर सहमे खड़े थे। हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनते ही ग्रामीणों की आँखों में उम्मीद की किरण चमक उठी।

रेस्क्यू टीम ने रस्सी और सुरक्षा उपकरणों की मदद से एक-एक कर सभी को बाहर निकाला। तेज हवा और नदी की लहरों के बीच यह काम बेहद जोखिम भरा था, लेकिन वायुसेना के जवानों ने धैर्य और कौशल दिखाते हुए ऑपरेशन को अंजाम दिया।

सुरक्षित निकाले गए महिलाएं और बच्चा

करीब आधे घंटे चले इस अभियान में सभी छह लोगों को सुरक्षित हेलीकॉप्टर में बैठाया गया। इनमें दो महिलाएं और एक मासूम बच्चा भी शामिल था, जिनकी हालत लगातार बिगड़ते हालात के बीच नाजुक हो सकती थी। रेस्क्यू टीम ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। हेलीकॉप्टर से उतरते ही परिजनों और ग्रामीणों की आँखों में राहत और कृतज्ञता के आँसू छलक उठे।

प्रशासन और सेना की सतर्कता

इस अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा की घड़ी में सेना हमेशा देशवासियों की ढाल बनकर खड़ी रहती है। जिला प्रशासन ने भी तेजी से निर्णय लेते हुए तुरंत वायुसेना की मदद ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में बारिश का दौर अभी जारी है, इसलिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर और भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाएंगे।

ग्रामीणों की जुबानी डर और राहत

बचाए गए लोगों ने कहा कि जब पानी चारों ओर से बढ़ने लगा, तो वे पूरी तरह निराश हो चुके थे। किसी भी वक्त नदी का बहाव उन्हें बहा ले जा सकता था। लेकिन जैसे ही आसमान से हेलीकॉप्टर उतरा, मानो भगवान खुद मदद के लिए आ गए। ग्रामीणों ने भारतीय वायुसेना और प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी जान समय पर चलाए गए इस अभियान से बच सकी।

आपदा प्रबंधन के लिए सबक

बस्तर जैसे इलाकों में मानसून हर बार चुनौती बनकर आता है। यह घटना एक सबक है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही राहत और बचाव की पूरी तैयारी होनी चाहिए। प्रशासन अब उन गांवों की सूची तैयार कर रहा है, जहाँ खतरा ज्यादा है, ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

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