Chhattisgarh

चिरमिरी के संगरोध केंद्र (Quarantine center) में प्लास्टिक के चावल होने की बात को लेकर बवाल।

*दीपेंद्र शर्मा।

कोरिया। चिरमिरी में जिला प्रशासन के द्वारा एसईसीएल.के सहयोग से रीजनल अस्पताल को क्वारंटाइन शाखा बनाया गया है, जिस शाखा में स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उन व्यक्तियों को वहां रखा जाता है जो राज्य से बाहर से आए हुए हो या किसी के ऊपर शंका हो, जो भी व्यक्ति क्वारंटाइन शाखा में रहते हैं; उनके भोजन का प्रबंध भी शासन के माध्यम से किया जाता है।

भोजन से जुड़ा हुआ मामला चिरमिरी क्षेत्र के एसईसीएल द्वारा बनाए गए क्वारंटाइन शाखा गोदरीपारा की है जहाँ क्वारंटाइन में रखे हुए किसी एक व्यक्ति के द्वारा सोशल मीडिया में पोस्ट किया गया कि; उनको भोजन में प्लास्टिक के चावल परोसा जा रहा है। चावल का गोला बोल बनाकर जमीन पर फेककर उछाला भी गया।

चावल का गोला बोल बनाकर जमीन पर फेककर उछाला भी गया।
सोशल मीडिया से वायरल हुए इस पोस्ट को जिला प्रशासन ने गम्भीरता से लेते हुए एक जांच टीम चिरमिरी रवाना किया। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच टीम ने रीजनल अस्पताल कोरासिया पहुचकर चावल का सेंम्पल जांच के लिए ले लिया गया है, जिसे रायपुर लेब में भेजे जाने की पुष्टि हुई है जिसके रिपोर्ट आते तक इन्तेजार करना होगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच टीम रीजनल अस्पताल, कोरासिया पहुंचकर चावल का सेंम्पल जांच के लिए लेते हुए।

आपको बता दें, पहले प्लास्टिक के चावल की जानकारी हमे दूसरे राज्य से मिलती थी; पर अब यह प्लास्टिक का चावल अगर हमारे क्षेत्र में पहुच गया हैं तो चिंता विषय है। इस प्रकार का चावल आखिरकार किसके द्वारा बाजार तक पहुँचाया जा रहा है ? इसकी भी जांच होनी चाहिए पर सबसे पहले खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा जो चावल नमूना जांच के लिए लिया गया है उसका रिपोर्ट कब तक आता हैं जांच रिपोर्ट सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध किस प्रकार की कार्यवाही की जाती हैं यह देखने वाली बात होगी।

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