ChhattisgarhPolitics

बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां …।

रायपुर। एक कहावत है “बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभानअल्लाह” चरितार्थ होती है, सत्तारूढ़ भाजपाइयों के ऊपर। रायगढ़ के खरसिया विधानसभा से भाजपा की ओर से रायपुर के पूर्व कलेक्टर, ओ. पी. चौधरी ने हाल ही में अपने विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को धमकी भरे स्वर में अपने उद्बोधन में कहा गया था कि वे भाजपा के एक हिस्सा होने के कारण वह भी बेहद पावरफुल व्यक्ति होंगे और आम मतदाताओं को यह भी कहते हुए सीधा-सीधा धमकी वाले अंदाज में कहा कि “आप लोग जो सहीं चीजों के लिए जो मेरा साथ देंगे उनके लिए मैं (ओ.पी. चौधरी) हमेशा उनका साथ दूंगा; और जो सहीं चीजों के लिए उनके साथ नहीं देंगे तो वे उनके ऊपर कहर बनकर टूटेंगे…!”

वहीं दूसरी ओर भाजपा के ही एक मुंहफट मंत्री ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के वोटरों को मंदिर जाकर कसम खाने वाले बात कहते हुए नजर आने वाले एक चर्चित समाचार चैनल में प्रसारित वीडियो के वायरल हुए हिस्से को बालोद जिले के एक स्वतंत्र पत्रकार हेमंत साहू ने whatsapp समूह के दूसरे समूहों में जैसे ही प्रेषित किया,

एक छुटभैये भाजपा कार्यकर्ता मनीष कुंवर, दादरा ने “हेमन्त साहू लगातार पार्टी विरोधी गतिविधि कर रहे हो सुधर जाओ, नहीं तो मैं सुधार दूंगा…। वाले तल्ख में धमकी भरे पोस्ट प्रेषित किया है।

खैर, वैसे इस छुटभैये की इतनी औकात तो नहीं कि वो एक पत्रकार को सुधार सके, लेकिन राजेश मूणत और उसकी अमर्यादित कथन वाली एक और वीडियो जो यूट्यूब पर लोड है। अत्यंत ही शर्मनाक और फर्जी लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण है। देखिए वीडियो जिसमें यह मंत्री किस तरह के अशोभनीय शब्दों का महाप्रयोग कर रहे हैं :-

वैसे आपको ज्ञात तो होगा ही कि इस मंत्री को जिसे सीधा-सीधा प्रदेश के मुखिया डॉ रमन सिंह का वरदहस्त है, का एक और वीडियो जारी हुआ था; जिसे लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीतिक गलियारे में भूचाल आ गया था…।

     एक खास बात यह भी कि इस केबिनेट मंत्री को इन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र जरवाय के ग्रामीणों ने अभी हाल के दिनों में खदेड़े जाने की भी वीडियो सोशल मीडिया में परिलक्षित हुई है उसे भी आपके दृष्टिपात हेतु पेश-ए-खिदमत में प्रस्तुत है :-

अब, जब जनता जनार्दन के हाथों इनकी किस्मत की लकीरें आ चुकी है, तो इस पार्टी के तमाम छोटे से लेकर बड़े लोग अपने धनबल और बाहुबल से प्रदेश की जनता को डराने और धमकाने से बाज नहीं आ रहे हैं ! जिस भय और भूख से छुटकारा पाने के लिए नवोदित छत्तीसगढ़ की जनता ने एक मास्टर माइंड साहब को अर्श से फर्श पर फ़टकनी दे रखी है, और क्या विगत 15 वर्षों से निर्दोष आदिवासियों, किसानों के प्रति निर्मोही असंवेदनशील सरकार को पुनः सत्ता की चाबी सौपेगी…?

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