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कांग्रेसी विधायक के गृह ग्राम गुरुर में जनता ने इस बार हाथ मे खिलाया कमल

छत्तीसगढ़ प्रदेश की नगरीय निकाय चुनाव में इस बार भाजपा उम्मीदवारों ने बाजी मारी है।

गुरुर {बालोद} : बालोद नगर पालिका में भाजपा से प्रतिभा चौधरी ने जीत हासिल की है तो वही बालोद जिला के सभी नगर पंचायतो में कमल छाप वालो ने अपनी फतह लहराने में कामयाब हुए है, इस बार बालोद जिला में कांग्रेस प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है। इस कड़ी में गुरुर नगर पंचायत की बात करे तो आपको बता दे कि गुरुर नगर राजनीति के क्षेत्र में सभी राजनीतिक पार्टियों से ताल्लुक रखने वाले लोगो और नेताओं का केंद्र बिंदु माना जाता है, इस बीच दोनों राजनीतिक राष्ट्रीय पार्टी भाजपा और कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के बीच जबरदस्त मुकाबला रहा।

चुनावी दंगल में यह भी कयास लगाया जा रहा था कि इस बार भी कांग्रेस अपनी जीत का नगाड़ा बजाने में कामयाब होने वाला है। किन्तु छत्तीसगढ़ में भाजपा की डबल इंजन सरकार का सुदर्शन चक्र की चकरी का जादू ऐसा चला कि बालोद की सभी सीटों पर भाजपा ने अपना कब्जा जमा लिया।

प्रदीप साहू को नगर पंचायत अध्यक्ष की बागडोर

गुरुर की जनता ने इस बार ठोक बजा कर भाजपा उम्मीदवार प्रदीप साहू को नगर पंचायत अध्यक्ष पद की बागडोर की चाबी सौप दी है। कांग्रेस प्रत्याशियों को इस बार उखाड़ फेंकने में गुरुर की जनता ने भाजपा पर ज्यादा भरोसा जताते हुए उन्हें जीत दिलाई है। भाजपा सरकार सत्ता में आते ही दो महत्वपूर्ण योजना को जमीनी धरातल पर उतार कर लोगो से किये वादे पर खरा उतरते हुए उन्हें लाभ दिया गया और दिया जा रहा है।

भाजपा सरकार ने हर महीने महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपया इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को दिया जा रहा तो वही गरीब और कच्चे मकान में रहने वाले गरीब और असहाय लोगो के लिए पक्की मकान का जो सपना है वो प्रधानमंत्री आवास योजना से अपने सपने को साकार कर रहे है। यही दो प्रमुख योजनाये है जो लोगो को काफी प्रभावित किये है।

यही कारण है कि जागरूक मतदाताओं ने इस बार अपना मुखिया बहुत ही सोच समझकर चुना है। तो वही कांग्रेस प्रत्याशी का हारने का सबसे बड़ा कारण गुरुर के गली मोहल्ले में खुलेआम गांजा, शराब और अवैध कारोबारियों को बढ़ावा मिलता रहा जिससे कई वार्ड के पढ़े लिखे युवा और महिलाए काफी परेशान थे, क्योकि इससे पहले गुरुर नगर पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वरी साहू को पार्षदो ने अपनी सहमति देते हुए उन्हें अध्यक्ष पद पर बैठा दिया था। कुछ ही महीने के बाद उसे इस पद से हाथ भी धोना पड़ गया फिर उसके बाद महिमा साहू को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी और बागडोर कांग्रेसी पार्षदो ने उन्हें सौप दिया था। लेकिन इस बार जनता ने विकास की धुरी को भाजपा प्रत्याशी प्रदीप साहू पर टिका दिया ताकि हर गली मोहल्ले में सरकार की प्रत्येक योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक आसानी से पहुँच सके।

अमीत मंडावी संवाददाता

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