NH-53 हादसा : पिता–बेटे सहित तीन मौत
तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर में एक ही परिवार के दो सदस्य समेत तीन लोगों की मौके पर मौत, चालक वाहन छोड़कर फरार

रायपुर hct : नेशनल हाईवे-53 शुक्रवार की सुबह एक बार फिर भयावह सड़क हादसे का साक्षी बना। पारागांव (आरंग) के करीब हुए इस टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क पर बिखरी क्षत-विक्षत हालत ने राहगीरों को दहला दिया। मृतकों में 28 वर्षीय मंगलू जलक्षत्री और उनका छह वर्षीय पुत्र तिलक भी शामिल है, जिसकी सूचना मिलते ही बागेश्वर पारा शोक में डूब गया।
महज मिनटों में सब खत्म
प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रवण जलक्षत्री (40), मंगलू जलक्षत्री (28) और तिलक (6) शुक्रवार तड़के महानदी में मछली पकड़ने घर से निकले थे। तीनों एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर निसदा मोड़ से महानदी पुल की ओर बढ़ रहे थे। इसी बीच महासमुंद दिशा से आ रहे मुरूम लदे तेज रफ्तार हाइवा ने सामने से आकर जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और तीनों सवार दूर जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद कुछ देर तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हादसे के तुरंत बाद हाइवा चालक वाहन वहीं छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने संभाली स्थिति
सूचना मिलने पर आरंग पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर बिखरे अवशेषों को एकत्रित कर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। तीनों शवों को मर्चुरी भेजा गया। पुलिस ने हाइवा वाहन को जब्त कर लिया है और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर फरार चालक की तलाश तेज कर दी है।
मासूम तिलक की मौत ने सबको झकझोरा
हादसे की खबर बागेश्वर पारा पहुंचते ही पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया। एक ही परिवार के दो सदस्यों के निधन से माहौल गमगीन है। स्थानीय लोगों के अनुसार NH-53 पर तेज रफ्तार भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपाय नजर नहीं आते।
बढ़ते हादसों पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि NH-53 पर हादसे रुक नहीं रहे हैं और प्रशासनिक स्तर पर ठोस नियंत्रण व्यवस्था की आवश्यकता है। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर विस्तृत जांच की जा रही है तथा आरोपी चालक को जल्द हिरासत में लेने की कोशिश जारी है।

